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इंसानियत के जिन्दा होने का जीता जागता सबूत: पढ़ें एक बेघर व्यक्ति की इंसानियत की वायरल खबर

एक बेघर व्यक्ति ने की महिला की मदद, उस महिला ने बदले में उसके लिए कितने रूपये इक्कठा कर लिए यह सुनकर हैरान रह जायेंगे आप.

आज हम आपको एक रोचक किस्सा सुनाने जा रहे हैं, एक ऐसा किस्सा जिसको सुनकर आपको इस बात पर यकीन हो जायेगा की इंसानियत आज भी जिन्दा है और हमारे आस पास मौजूद भी है.

किस्सा है अमेरिका के फिलॉडेलफिआ शहर का. केट मेक्लुर नामक एक महिला देर रात अपनी कार से फिलॉडेलफिआ जा रही थी की अचानक उसकी कार में ईंधन (गैस) ख़त्म हो गया, तमाम कोशिशों के बावजूद भी जब उसकी कार चालू नहीं हुई तो वो घबरा गयी और घबराकर जब वो कार से उतरी तो उसने एक खानाबदोश, जॉनी बोब्बिट को सड़क किनारे बैठे हुए देखा. केट जब उस व्यक्ति की ओर घबराते हुए बढ़ी तो उस खानाबदोश को यह आभास हो गया की केट किसी मुसीबत में है और मदद चाहती है.

जॉनी ने परिस्थति भांपते हुए केट से कहा की “आप कृपया गाडी के अंदर ही रहें और जो जरुरत हो मुझे बता दें, मैं आपकी मदद करूंगा लेकिन आप कृपया गाडी को अंदर से लॉक करके बैठ जाएँ क्यूंकि यह इलाका सुरक्षित नहीं है”. यह सुनकर केट ने उसे अपनी समस्या बताई और गाडी को अंदर से लॉक करके बैठ गयी. केट ने बताया की इसके बाद जॉनी पैदल चलकर पास वाले गैस स्टेशन गए और वहां से गैस से भरा डब्बा लेकर वापस लौटे, इसके लिए उन्होंने अपने पास मौजूद सारे पैसे अर्थात २० डॉलर खर्च करदिये और चूँकि उनके पास पैसे नहीं बचे थे इसलिए वो उस रात बिना कुछ आहार ग्रहण किये ही सो गए.

यह बात केट को इस कदर छू गयी और की उन्होंने वापस अपने शहर लौट कर जॉनी के लिए ऑनलाइन चंदा इक्कठा करना शुरू कर दिया और इस खबर के लिखे जाने तक केट ने GoFundMe नामक ऑनलाइन चंदा इकठ्ठा करने वाली वेबसाइट के जरिये 402,826 डॉलर अर्थात 25,716,411 रूपये इकट्ठा कर लिए हैं और उनका लक्ष्य 1000000 डॉलर इकट्ठा करने का है.

केट और उनके वकील ने मिलकर जॉनी के लिए चंदे से आये पैसे से एक घर और जॉनी की पसंदीदा ट्रक दिलाने के बाद जॉनी के नाम पर २ ट्रस्ट खोलने की भी योजना बनाई है. एक ट्रस्ट से उनकी आमदनी सुनिश्चित होगी और दूसरे से उनके रिटायरमेंट के तमाम योजनाओं का प्राविधान होगा.


यह किस्सा हमे बताता है की दुनिया में इंसानियत आज भी जिन्दा है, भले वो हमारे नजरों के सामने कई बार नहीं होती लेकिन होती जरूर है.

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