माँ श्रृंगार गौरी मंदिर पर जब प्रदीप भंडारी के सवालों का कोई जवाब नहीं मिला तो मौलाना रशीदी और मौलाना कादिरी बीच डिबेट से चले गये

मंगलवार को प्रदीप भंडारी के शो जनता के मुकदमा में आज ज्ञानवापी मस्जिद के ऊपर डिबेट थी। इस्लामिक विद्वान मौलाना साजिद रशीदी ज्ञानवापी मस्जिद का पक्ष रखने आये थे। प्रदीप भंडारी ने उनसे ज्ञानवापी के सर्वे के ऊपर बात करते हुए सवाल किया कि आप सर्वे को क्यों रोक रहे हैं और प्रदीप भंडारी ने आगे सवाल किया कि जब नंदी साफ साफ दिख रहे हैं तो आपको वहाँ क्या चाहिये हम कहते हैं कि हमें भी माता श्रृंगार गौरी में पूजा करने का अधिकार है। तो उस मस्जिद में गैर मुस्लिम के जाने पे रोक क्यों है? इस सवाल का जवाब देते हुए मौलाना ने कहा कि जनता तो ये भी पूछ रही है कि नींबू 300 रुपये क्यों है? जनता ये भी पूछ रही है कि लोगों के पास नौकरी क्यों नहीं है? डिबेट के बीच में आलोक चंद मिश्र ने कहा कि आप डिबेट से भटकिये मत और ज्ञानवापी पे बात कीजिए। इसपे मौलाना रशीदी ने कहा कि आप हिन्दू मुसलमान मत कीजिये इस तरह के डिबेट में मैं नहीं बैठता। इसके बाद प्रदीप भण्डारी ने कहा कि अगर माँ श्रृंगार गौरी मंदिर में हिन्दू पूजा करेगा तो उससे मुसलमान को खतरा कैसे है?

इसके बाद मौलाना रशीदी को जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने डिबेट से भागते हुए कहा कि मैं इस डिबेट में नहीं बैठ सकता क्योंकि आप खुला हिन्दू मुसलमान करवा रहें हैं। आगे जब उनको डिबेट में कोई जवाब नहीं मिला तो वो डिबेट छोड़ कर चले गये।

इसी तरह जब प्रदीप भंडारी ने मौलाना पीर अली कादरी से जब सवाल किया हिन्दू ने शाहीनबाग़ मसले पर कभी नहीं बोला की हिन्दू मुसलमान हो रहा है और ज्ञानवापी में तो बस हिन्दू यही चाहता है कि उसे ज्ञानवापी में माँ श्रृंगार गौरी मंदिर में पूजा करने को मिले उसपे सब कह रहे हैं कि हिन्दू मुस्लिम हो रहा है? इस्लाम कैसे खतरे में आ जायेगा जब हिन्दू अपनी पुजा अर्चना कर तो? मौलाना कादरी को जब कोई जवाब नहीं मिला तो उन्होंने डिबेट पर ही सवाल उठाना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि इस जैसे डिबेट के वजह से भारत खतरे में है। उन्होंने आगे कहा कि अगर कोर्ट वीडियोग्राफी का आर्डर करता है तो उसका पालन किया जाएगा उससे इनकार नहीं करते हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह का आप डिबेट कराएंगे तो आपके डिबेट पर नहीं आया जाएगा। प्रदीप भंडारी ने आगे पूछा कि इस डिबेट से खतरा हो गया मगर आपको पत्थरबाजों से खतरा नहीं हुआ? कोई हिन्दू हित की बात करे तो आपकी धमकी शुरू हो जाती है? मैं सिर्फ माता श्रृंगार गौरी मंदिर के पुजा के हक़ की बात कर रहा हूँ।

प्रदीप भंडारी के इस सवाल का जब उन्हें कोई जवाब नहीं मिला तो मौलाना कादरी ने भी मौलाना रशीदी के तरह ही डिबेट छोड़ कर भाग गये।

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