आदिपुरुष के उर्दूकरण पर इनफॉरमेशन कमिश्नर उदय माहुरकर का ट्वीट, याद किया 1947 से पहले के एक विवाद का जिक्र

आदिपुरुष रिलीज के बाद से ही विवादों में घिरी हुई है। सबसे ज्यादा बवाल फिल्म के डायलॉग्स पर मचा है। साथ ही लोग इस बात से भी नाराज हैं कि फिल्म में रामायण की कहानी से ज्यादा एक्शन सीन हैं। 600 करोड़ की लागत से बनी ये मल्टीस्टारर फिल्म शुक्रवार को जब रिलीज हुए तो फर्स्ट डे और फर्स्ट शो खत्म होने पर सिर्फ दर्शक ही बाहर नहीं, बल्कि इससे पहले ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फिल्म से जुड़े विवाद पहुंच गए। वहीं अब लेखक और देश के इंफॉर्मेशन कमिश्नर उदय माहुरकर ने इस पूरे मुद्दे पर बड़ा बयान दिया है।

उदय माहुरकर ने ट्वीट करते हुए लिखा, “फिल्म ‘आदिपुरुष’ के उर्दूकरण का विवाद 1947 से पहले के इसी तरह के विवाद की याद दिलाता है, जब कुछ धूर्त मुसलमानों ने गांधीजी पर दबाव डाला कि वे हिंदू-मुस्लिम एकता के लिए हिंदी के स्थान पर हिंदुस्तानी को अपनाएं और राम और सीता को ‘बादशाह राम और बेगम’ कहने लगे। सीता’। पैन-इस्लामवादी सोच रखने वाले हमेशा स्थानीय संस्कृति को नष्ट करने के लिए इस तरह की चाल का सहारा लेते हैं लेकिन भोले-भाले राष्ट्रवादियों को ऐसी रणनीति का शिकार नहीं होना चाहिए और समझदार होना चाहिए।”

वहीं फिल्म आदिपुरुष पर प्रतिबंध की मांग करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की गई है। दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर फिल्म पर रोक लगाए जाने की मांग के साथ इस फिल्म को सेंसर बोर्ड की ओर से दिया जाने वाला सर्टिफिकेट को जारी न किए जाने का आदेश दिए जाने की भी मांग की गई है।

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