केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह बुधवार को ऋषिकेश में गीता प्रेस द्वारा प्रकाशित मासिक पत्रिका कल्याण के शताब्दी अंक के विमाचन समारोह में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने अपनी पोती का एक किस्सा सुनाया। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मेरी पोती अपने स्कूल बैग में हनुमान चालीसा रखती है, इसे गीता प्रेस ने प्रकाशित किया है।
अमित शाह ने कहा कि सनातन चेतना का जो उत्सव आज देश में दिखाई पड़ रहा है। उन्होंने कहा, “कल्याण ने हर संकट में भारतीय संस्कृति के दीप को जलाए रखने का काम किया है। जब अंग्रेज थे तब भी और जब भारत में नई शुरुआत नहीं हुई थी तब भी। कल्याण एक प्रकार से एक पत्रिका मात्र नहीं है। 100वां अंक यहां से प्रकाशित हो रहा है। मैं केशवराम जी को भी कहना चाहता हूं आप भी शतायु हो तब हम सबको जरूर बुलाइएगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि सबसे पहले तो मैं गीता प्रेस का हृदय पूर्वक धन्यवाद करना चाहता हूं कि कल्याण के 100 वे अंक के विमोचन में इस पुण्य कार्य में उन्होंने मुझे उपस्थित रहने का मौका दिया है। उन्होंने कहा कि भारत का हर वो व्यक्ति जिसको सनातन धर्म से आकांक्षा है, दुनिया का हर जो व्यक्ति जो भारतीय संस्कृति की ओर दुनिया की समस्याओं के समाधान के लिए देख रहा है और हर वो व्यक्ति जो इस भूमि को प्यार करता है, वो गीता प्रेस से अंजान हो ही नहीं सकता। गीता प्रेस ने अपना ये स्थान निश्चित किया है।
