परीक्षा पे चर्चा का 9वां संस्करण आज सुबह 10 बजे से शुरू हुआ। इस खास कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को परीक्षा से जुड़े तनाव को कम करने, उनका आत्मविश्वास बढ़ाने और करियर से जुड़े सवालों के जवाब देने में मदद करना है। इस बार परीक्षा पे चर्चा नए अंदाज में आयोजित की जा रही है, जिसमें देशभर के छात्रों को जोड़ने और उनके सवालों के सीधे जवाब देने पर खास जोर दिया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कई छात्र और शिक्षक वर्षों से एक ही तरीके का पालन करते आ रहे हैं। पहले श्योर सवाल, फिर जरूरी प्रश्न और फिर पिछले 10 वर्षों के पैटर्न से ही तैयारी की जाती है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यह “बीमारी” उनके समय में भी थी। उन्होंने कहा कि कुछ शिक्षक भी इस सोच को बढ़ावा देते हैं, क्योंकि वे चाहते हैं कि उनकी क्लास या स्कूल का रिजल्ट अच्छा आए। इसलिए वे केवल वही पढ़ाते हैं जिससे नंबर मिल सकें। लेकिन एक अच्छा शिक्षक बच्चों के सर्वांगीण विकास पर ध्यान देता है, पूरा सिलेबस पढ़ाता है, उस पर मेहनत करवाता है और यह भी समझाता है कि पढ़ाई का जीवन में क्या महत्व है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “आज के समय में छात्रों को तकनीक की मदद पहले से कहीं ज्यादा मिल रही है, जो पहले संभव नहीं थी। छात्र कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) का उपयोग पढ़ाई के नोट्स या सारांश बनाने में कर सकते हैं। साथ ही, AI से सुझाव लेकर अपनी समझ और सोच को और बेहतर बनाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि तकनीक से लक्ष्य जल्दी नहीं मिल जाता, लेकिन यह पढ़ाई में एक मजबूत सहायक जरूर बन सकती है।”
