प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को औपनिवेशिक दौर की पहचान रहे साउथ ब्लॉक से अपने नए कार्यालय ‘सेवा तीर्थ’ परिसर में कार्यभार संभाल लिया। यह दिन खास भी रहा, क्योंकि 13 फरवरी को ही वर्ष 1931 में नई दिल्ली को औपचारिक रूप से आधुनिक भारत की राजधानी के रूप में उद्घाटित किया गया था। प्रधानमंत्री ने सेवा तीर्थ परिसर पहुंचकर नए कार्यालय का उद्घाटन किया। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय को एक ही स्थान पर समाहित किया गया है।
प्रधानमंत्री ने परिसर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। सेवा तीर्थ की दीवार पर देवनागरी में इसका नाम अंकित है और नीचे ‘नागरिक देवो भव’ का मंत्र लिखा गया है, जो नागरिक-केंद्रित शासन की भावना को दर्शाता है। इस अवसर पर राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
2014 से मोदी सरकार ने भारत के पुराने ज़माने के निशानों से दूर जाने और सोच बदलने के लिए लगातार कदम उठाए हैं।
कुछ बड़े बदलाव इस तरह हैं:
साउथ ब्लॉक → सेवा तीर्थ
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट → कर्तव्य भवन
राजपथ → कर्तव्य पथ
रेस कोर्स रोड → लोक कल्याण मार्ग
राजभवन/राज निवास → लोक भवन/लोक निवास
