मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और ईरान-इजरायल युद्ध के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की ऊर्जा सुरक्षा और आम आदमी की जेब को बचाने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रियों को स्पष्ट संदेश दिया कि अंतरराष्ट्रीय संकट का बोझ आम नागरिकों पर नहीं पड़ना चाहिए। पीएम ने खासतौर पर महंगाई, ईंधन आपूर्ति और जरूरी वस्तुओं की उपलब्धता पर सतर्क रहने को कहा। सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत ने कच्चे तेल और गैस की आपूर्ति के लिए अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव किया है जिससे अंतरराष्ट्रीय संकट के बावजूद घरेलू बाजार में कोई किल्लत न हो।
सरकार ने विशेष रूप से कमर्शियल और डोमेस्टिक एलपीजी (LPG) सप्लाई को प्राथमिकता पर रखा है। रेस्टोरेंट एसोसिएशन की दिक्कतों को समझते हुए ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को उनसे सीधे संवाद करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए बकायदा एक हाई-लेवल कमेटी बनाई गई है जो आपूर्ति की निगरानी कर रही है।
भारत ने न केवल घरेलू उत्पादन बढ़ाया है बल्कि आयात के लिए वैकल्पिक समुद्री रास्तों का उपयोग कर अपनी निर्भरता को सुरक्षित कर लिया है। अधिकारियों का दावा है कि भारत इस वैश्विक मुश्किल से अन्य देशों की तुलना में कहीं बेहतर स्थिति में और मजबूती के साथ बाहर निकलेगा।
