मिडिल ईस्ट में चल रहे मौजूदा तनाव के बीच एनर्जी की सप्लाई को लेकर आम लोगों और इंडस्ट्रीज में चिंताएं थीं। इस पर जवाब देते हुए पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने लोकसभा में साफ किया कि भारत के पास पर्याप्त ऊर्जा भंडार है और स्थिति पूरी तरह कंट्रोल में है। हरदीप पुरी ने कहा दुनिया ने मॉडर्न एनर्जी हिस्ट्री में ऐसा दौर पहले कभी नहीं देखा है, इसके बावजूद भारत की कच्चे तेल की सप्लाई की स्थिति सुरक्षित है और देश ने जितना कच्चा तेल सुरक्षित किया है, वह उतना ही नहीं बल्कि उससे भी ज्यादा है जितना सामान्य हालात में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के जरिए मिल सकता था।
केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि संकट से पहले भारत के लगभग 45% कच्चे तेल का आयात होर्मुज रूट से होता था। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सक्रिय कूटनीतिक पहल और अलग-अलग देशों के साथ अच्छे संबंधों की बदौलत भारत ने उतनी मात्रा से भी ज्यादा कच्चा तेल सुरक्षित कर लिया है, जितना बाधित हॉर्मुज रूट से उसी अवधि में मिल सकता था। हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि पहले भारत अपनी एलपीजी की करीब 60% जरूरत खाड़ी देशों कतर, यूएई, सऊदी अरब और कुवैत से आयात करता था, जबकि लगभग 40% उत्पादन देश में ही होता है। उन्होंने कहा कि अब एलपीजी की खरीद को कई देशों में फैलाया गया है और अमेरिका, नॉर्वे, कनाडा, अल्जीरिया और रूस से भी कार्गो सुरक्षित किए जा रहे हैं। इसी वजह से पिछले 5 दिनों में रिफाइनरियों को निर्देश देकर एलपीजी उत्पादन 28% तक बढ़ाया गया है और अतिरिक्त खरीद की प्रक्रिया भी जारी है।
मंत्री हरदीप पुरी ने यह भी कहा कि नेचुरल गैस की सप्लाई को प्राथमिकता के आधार पर व्यवस्थित किया गया है और मौजूदा स्थिति स्थिर है, जो तत्काल जरूरत से भी ज्यादा है। उन्होंने बताया कि भारत रोजाना लगभग 90 मिलियन मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस का प्रोडक्शन करता है। हरदीप पुरी ने कहा कि वैकल्पिक सप्लाई रूट्स के जरिए लगभग हर दिन बड़े एलएनजी कार्गो भारत पहुंच रहे हैं और अगर संघर्ष लंबा भी चलता है, तब भी भारत के पास गैस प्रोडक्शन और सप्लाई की पर्याप्त व्यवस्था है। उन्होंने कहा कि देश के हर घर और इंडस्ट्री के लिए बिजली प्रोडक्शन पूरी तरह सुरक्षित है और एनर्जी सप्लाई को लेकर घबराने की जरूरत नहीं है।
