लोकसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 3 लाख 75 हजार से अधिक भारतीय सुरक्षित लौट चुके हैं। ईरान से अब तक 1000 भारतीय सुरक्षित लौटे हैं। इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं। खाड़ी में हजारों भारतीय विद्यार्थी पढ़ते हैं। सीबीएसई ने इन स्कूलों में 10वीं और 12वीं की परीक्षा को रद्द कर दिया। सीबीएसई इन स्कूलों में बच्चों की निर्बाध पढ़ाई जारी रखने के लिए तत्काल कदम उठा रही है।
पीएम मोदी ने कहा कि देश में पर्याप्त कोयला उपलब्ध है और पश्चिम एशिया के नेताओं से बात हुई है। उन्होंने कहा कि भारत हमले का विरोध कर रहा है और हम तेल और गैस को लेकर अलग-अलग देशों से संपर्क में हैं। पीएम मोदी ने कहा कि हमारी कोशिश यही है कि हर जरूरी जहाज भारत आए और कई जहाज आए भी हैं।
पीएम मोदी ने कहा, “हम सभी वैश्विक सहयोगियों के साथ लगातार बात कर रहे हैं, कई जहाज भारत आए भी हैं। संकट के समय देश की एक और तैयारी काम आ रही है। इथैनॉल ब्लैंडिग का काम हमें मजबूती दे रहा है। युद्धरत और युद्ध से प्रभावित देशों के साथ भारत के व्यापक व्यापारिक रिश्ते हैं, जिस क्षेत्र में ये युद्ध हो रहा है, वह दुनिया के दूसरे देशों के साथ हमारे व्यापार का भी एक महत्वपूर्ण रास्ता है। विशेष रूप से कच्चे तेल और गैस की हमारी जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा यही क्षेत्र पूरा करता है।”
पीएम मोदी ने आगे कहा, “भारत में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल, फर्टीलाइजर स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से आता है, सरकार का प्रयास है कि पेट्रोल और एलपीजी की कमी ना हो। देश अपनी जरूरत की 60 प्रतिशत आयात करता है। अब इस संकट को 3 सप्ताह से ज्यादा हो रहा है। इसका पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था पर, लोगों के जीवन पर बहुत ही विपरित असर हो रहा है। इसलिए पूरी दुनिया इस संकट के जल्द से जल्द समाधान के लिए सभी पक्षों से आग्रह भी कर रही है।”
