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From Mann Ki Baat to Jan Ki Baat on demonetization:JanJanKiBaat26

Post-demonetization, the Prime Minister of India, sought the citizenry’s response to his government’s move to demonetize the old ?500 and ?1000 currency, in an attempt to delete the existence of a parallel economy being run by black money. The team of Jan Ki Baat received a ton of messages responding to Mr Modi’s question. The messages sung praises for the Modi governemnt’s decision, commending his government’s move of demonetization. A flood of responses, all featured celebratory mood of the people, noted the courage behind the Modi team’s agenda.

When PM Modi declared his, and his government’s, idea to sweep the nation, on 8th November 2016, the demonetization drive had begun. Getting rid of black money was a major portion of BJP’s 2014 list of goals. Sudden withdrawal of the legal tender of ?1000 and ?500 was questioned by many. Though demonization was lauded for its noble goal, it was at the same time critiqued the in-built flaws it had.

The effects that demonetization has had on the residents of India have been poles apart, with some calling it a good enough cause to unite Indians and cultivate honesty and others seeing it as anti-poor, anti-middle class policy. The diverse reactions to it need to be recorded to understand the variety of effects financial policies have on different social classes and sections.

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