झारखंड की बेटियों के न्याय के लिए प्रदीप भंडारी का मुकदमा, बोले- बहुमत का मतलब असंवेदनशील होना नहीं

आज सोमवार को जनता का मुकदमा के होस्ट प्रदीप भंडारी ने झारखंड में हो रहे महिलाओं के साथ अत्याचार पर मुकदमा किया और हेमंत सोरेन के बयान “घटनाएं तो होती हैं” पर सवाल उठाए.

प्रदीप भंडारी ने कहा कि, झारखंड के दुमका में शारुख ने 15 साल की नाबालिक को एकतरफा प्यार के चक्कर में फसा कर कई दिनों तक उसका पीछा करने के बाद  पेट्रोल डालकर उसे आग लगा दी. पांच दिन जिंदगी और मौत से चली जद्दोजहद के बाद लड़की की मौत हो गई है। अरमान अंसारी ने 14 साल की नाबालिक आदिवासी दलित लड़की का बार-बार यौन शोषण किया – उसके साथ बलात्कार किया, उसके बाद उसे मार डाला और शव को पेड़ से लटका दिया,

लोहरदगा में एक नाबालिक लड़की को अपने प्यार के जाल में  फंसाया- उसे इस्लाम धर्म में परिवर्तित करने के लिए मजबूर किया, जब वह नहीं मानी तो उसने उसे एक कुएं में धकेल दिया और उसे मारने की कोशिश की।

झारखंड में 31 अगस्त को एक महिला का अधजला शव मिला था और पुलिस अभी तक मामले का खुलासा नहीं कर पाई है, उसी दिन देवगढ़ में एक युवती का सिर कलम किया गया था और पुलिस को अभी तक आरोपी और उसके मकसद का पता नहीं चला है, कल 3 बूढ़ी महिलाओं को ‘डायन’ होने के आरोप में बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला, ये सभी मामले झारखंड की हैं – एक ऐसा राज्य जिसके मुख्यमंत्री ने आज स्वघोषित विश्वास मत जीता है। भ्रष्टाचार के आरोपों का सामना कर रहे हेमंत सोरेन के अनुसार – ‘ऐसे घटनाएं होती रहती है’।

प्रदीप भंडारी ने कहा, होती रहती है? हां सुनयोजित तारिके से क्रिमिनल्स को फ्री रन दिया जाता – क्योंकि आपको अपने वोट बैंक को नराज नहीं करना है। इन मामलों में से – ऐसे दो केस है – जिसमे आरोपी ने अपना धर्म छुपाया, बच्ची को फसया और जब उनका भंडा फूटा तो – उनको मारने कि कोशिश की। सोरेन साहब, आज आप विश्वास मत तो जीत गए पर जब झारखंड के बेटियों के साथ अत्याचार हो रहा था – आप अपने विधायकों के साथ नाव की सवारी और मटन पार्टी कर रहे थे। मैं आप से सवाल पूछता हूं – अगर नैतिकता आप में बची है, तो बेटियों से माफ़ी मांगिये और इस्तिफ़ा दीजिये

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