पूर्वोत्तर के तीन राज्य त्रिपुरा, मेघालय और नागालैंड में विधानसभा चुनाव के नतीजे आ चुके हैं। त्रिपुरा में भाजपा-आईपीएफटी गठबंधन ने 60 सदस्यीय विधानसभा में 33 सीट जीतकर लगातार दूसरी बार सत्ता में वापसी की है। पूर्ववर्ती राजघराने के वंशज प्रद्योत किशोर देबबर्मा द्वारा गठित टिपरा मोथा पार्टी को 13 सीट मिलीं, जबकि वाम-कांग्रेस गठबंधन ने 14 सीट हासिल कीं। वहीं, टीएमसी ने एक भी सीट हासिल नही की और उसका वोट प्रतिशत नोटा से भी कम रहा।
त्रिपुरा में ममता बनर्जी को पार्टी टीएमसी स्थिति काफी खराब रही और राज्य में पार्टी को नोटा (NOTA) से भी कम वोट मिले हैं। त्रिपुरा चुनाव में नोटा को 1.36 फीसदी जबकि टीएमसी को एक प्रतिशत से भी कम मात्र 0.88 फीसदी वोट मिले हैं।
ममता बनर्जी ने त्रिपुरा विधानसभा की 60 में से 28 सीटों पर अपने प्रत्याशियों को मैदान में उतारा था। चुनाव प्रचार के दौरान ममता बनर्जी ने त्रिपुरा में कई रैलियाँ भी की थीं। त्रिपुरा की कई सीटें ऐसी रहीं जहाँ तृणमूल कॉन्ग्रेस के प्रत्याशी हजार वोटों का आँकड़ा भी पार नहीं कर सके। वहीं अधिकांश सीटों में टीएमसी प्रत्याशियों की जमानत जब्त हो गई।