वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा से पास हो गया। 12 घंटे से ज्यादा समय तक चली मैराथन चर्चा के बाद लोकसभा ने वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 पारित कर दिया। इस विधेयक के पक्ष में 288 और विपक्ष में 232 वोट पड़े। स्पीकर ओम बिरला ने चर्चा पूरी होने के बाद वोटिंग करवाई। इस दौरान बिल के पक्ष में 288 वोट पड़े, वहीं विरोध में 232 वोट पड़े और इस तरह रात 2 बजे वक्फ संशोधन बिल लोकसभा से पास हो गया।
सबसे अहम बात ये रही कि जेडीयू और टीडीपी वक्फ संसोधन विधेयक के पक्ष में मजबूती से खड़ी रहीं। टीडीपी के सांसद कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि वक्फ के पास 1.2 लाख करोड़ से अधिक की संपत्ति है। ये संपत्तियां मिसमैनेजमेंट का शिकार हैं और हमारी पार्टी का ये मानना है कि इस संपत्ति का इस्तेमाल मुस्लिमों के कल्याण के लिए, महिलाओं के कल्याण के लिए किया जाना चाहिए। कृष्णा प्रसाद तेन्नेटी ने कहा कि हमारा मानना है कि इसमें सुधार होना चाहिए और हम सबसे पहले दल थे जिसने जेपीसी की मांग की थी।
वहीं जेडीयू सांसद और केंद्र सरकार में पंचायती राज मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि ये नैरेटिव बनाने का प्रयास किया जा रहा है कि ये बिल मुसलमान विरोधी है। उन्होनें कहा, “ये बिल कहीं से भी मुसलमान विरोधी नहीं है। वक्फ कोई मुस्लिम संस्था है क्या? वक्फ कोई धार्मिक संस्था नहीं, एक ट्रस्ट है जो मुसलमानों के कल्याण के लिए काम करता है। उस ट्रस्ट को ये अधिकार होना चाहिए कि वो सभी वर्गों के लोगों के साथ न्याय करे जो नहीं हो रहा है। ये विनियामक है और प्रशासनिक निकाय है जो मुसलमानों के हक के लिए काम करता है।”
ललन सिंह ने कहा, ‘मोदी जी को कोस रहे हैं, उनका चेहरा पसंद नहीं आ रहा है तो मत देखिए उनकी तरफ। 2013 में आपने जो पाप किया था, उसे समाप्त करके पारदर्शिता लाने का काम किया है। देश की जनता मोदी जी को पसंद करती है इसलिए मोदी जी समाज के हर तबके के लिए काम करने का काम करते हैं। मोदी जी ने आज वक्फ को आपके चंगुल से निकाल के आम मुसलमान की तरफ फेक दिया है उनके कल्याण के लिए काम करने के लिए।”
लोकसभा में वक्फ बिल पर वोटिंग ने फिर साबित किया कि NDA चट्टान की तरह मजबूत है। वहीं विपक्ष लगातार कोशिश करता रहा कि जेडीयू और टीडीपी बिल को सपोर्ट न करें लेकिन उनके मंसूबों पर पानी फिर गया।