Home Featured किसी भी धर्म का व्यक्ति आ सकता है, संघ को किसी से कोई परहेज नहीं- आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले

किसी भी धर्म का व्यक्ति आ सकता है, संघ को किसी से कोई परहेज नहीं- आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले

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किसी भी धर्म का व्यक्ति आ सकता है, संघ को किसी से कोई परहेज नहीं- आरएसएस सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले

हरियाणा के पानीपत जिला स्थित समालखा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक संपन्न हो गई है। बैठक के बाद संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले ने मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि संघ में अब प्रांत प्रचारक की जगह संभाग प्रचारक दायित्व किया जाएगा। यह संरचना मार्च 2027 के बाद लागू होगी। होसबोले ने कहा कि संघ के बढ़ते हुए काम को देखते हुए ऐसा फैसला लिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभी 46 प्रांत संघ की दृष्टि से बने हुए हैं, उसके बाद 80 संभाग संघ की दृष्टि से हो जाएंगे।

आरएसएस के सरकार्यवाह ने कहा कि संघ की शाखा में किसी भी धर्म का कोई भी व्यक्ति आ सकता है, संघ को किसी से भी कोई परहेज नहीं है। किसी भी धर्म का व्यक्ति स्वयंसेवक बनकर राष्ट्रीय हित में काम करें, इसमें किसी को आपत्ति नहीं है। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी और संघ में समान विचारधारा के लोग हैं। संघ के स्वयंसेवक ही भारतीय जनता पार्टी में काम करते हैं, इसलिए संघ के स्वयंसेवक ही चुनाव में भी काम करते हैं।

होशबोले ने कहा कि संघ के स्वयंसेवकों के लिए दूसरी राजनीतिक पार्टियों ने पूरी तरह से प्रतिबंध लगा रखा है, इसलिए एकमात्र भारतीय जनता पार्टी ही ऐसी है जहां स्वयंसेवक जाते हैं और राजनीतिक क्षेत्र में काम करते हैं। हमने संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने पर होने वाले कार्यक्रमों में सभी पार्टियों के लोगों से संपर्क किया और उन्हें संघ की पद्धति की भी जानकारी दी। श्री गुरु तेग बहादुर का 350वां साल हो या गुरु रविदास का 650वां साल। इन कार्यक्रमों में भी हम सभी लोगों को आमंत्रित करते हैं और समाज को जोड़ने का काम करते हैं। दत्तात्रेय होसबोले ने कहा कि दुनिया में जिस तरह टेंशन चल रही है, यह कूटनीतिक का विषय है। सरकार इस पर अपना निर्णय रखेगी। संघ का इस बारे में कोई दृष्टिकोण नहीं है, शांति सभी जगह बनी रहनी चाहिए, यही संघ मानता है।