प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बृहस्पतिवार को थाईलैंड की अपनी समकक्ष पैंटोंगटॉर्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान उन्होंने थाई कलाकारों द्वारा प्रस्तुत रामायण का अद्भुद और अलौकिक मंचन भी देखा। बता दें कि पीएम मोदी बृहस्पतिवार को छठे बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड पहुंचे, जिसके बाद उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद उन्होंने रामकियेन – थाई रामायण की मनमोहक प्रस्तुति भी देखी।
पीएम मोदी को इस दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने The World Tipitaka-Sajjhaya Phonetic Edition भेंट किया। इसे हिंदी में विश्व टिपिटका: सज्जया ध्वन्यात्मक संस्करण कहा जाता है। टिपिटका को संस्कृत में त्रिपिटक भी कहते हैं। यह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है। प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया यह धार्मिक संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है। जिसे बहुत ही सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है और इसमें नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण समाहित है। यह विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार द्वारा राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकिट के 70 साल के शासनकाल के उपलक्ष्य में विश्व टिपिटका परियोजना के हिस्से के रूप में प्रकाशित किया गया था।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, “गार्ड ऑफ ऑनर के साथ थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने आज बैंकॉक के गवर्नमेंट हाउस में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया।”