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UP STF ChargeSheet: सिद्दीकी कप्पन नही है जिम्मेदार पत्रकार ,केवल मुसलमानों को पीड़ित दिखाकर करता था गुमराह

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UP STF ChargeSheet: सिद्दीकी कप्पन नही है जिम्मेदार पत्रकार ,केवल मुसलमानों को पीड़ित दिखाकर करता था गुमराह

अमन वर्मा, जन की बात

5000 पन्नों की अपनी चार्जशीट में पुलिस का सिद्दीकी पर आरोप है कि वो केवल और केवल मुसलमानों को देश में पीड़ित दिखाने का काम कर रहा था। चार्जशीट में पुलिस ने कप्पन के लिखे 36 आर्टिकल लगाए जो कोरोना के दौरान निजामुद्दीन मरकज, एंटी सीएए प्रोटेस्ट, दिल्ली दंगे, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के पक्ष में कोर्ट का फैसला और शरजील इमाम की गिरफ्तारी पर लिखे गए थे।

चार्जशीट में कहा गया है कि ये सभी आर्टिकल एक तरफा लिखे गए थे और इसमें दूसरे पक्ष के बारे में कुछ भी नहीं लिखा गया था। मसलन दिल्ली दंगों के दौरान मारे गए आईबी के कर्मचारी अंकित और हेडकांस्टेबल रतनलाल का जिक्र तक इन आर्टिल्स में नहीं था। CAA को लेकर लिखे गए आर्टिकल में कप्पन ने लिखा था कि पुलिस मुसलमानों को पीट रही है और उन्हें पाकिस्तान जाने के लिए कहा जा रहा है।

दिल्ली दंगों के दौरान लिखे गए आर्टिकल में भी कप्पन ने भारतीय मुसलमानों को पीड़ित की तरह पेश किया जो धार्मिक भावनाओं का भड़काने के लिए था। पुलिस ने चार्जशीट में कप्पन पर आरोप लगाया कि वो कट्टरवादी संगठन PFI के एजेंडे पर काम कर रहा है और उसका पत्रकारिता से दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है क्योंकि कोई भी पत्रकार इस तरह की खबरें नहीं लिखता जिससे देश का धार्मिक सौहार्द बिगड़े।

कप्पन को पुलिस ने पिछले साल 5 अक्टूबर को गिरफ्तार किया था जब वो हाथरस जा रहा था। कप्पन के साथ ही उसके दो साथी अतिकुर रहमान और मसूद अहमद और ड्राइवर आलम को गिरफ्तार किया गया था। पुलिस ने इस मामले में दो गवाहों के बयान भी लगाए हैं जिनके मुताबिक कप्पन और उसके साथी हाथरस में मारी गई दलित युवती के गांव पहुंचकर वहां की भीड़ को जाति विशेष के खिलाफ भड़काने की कोशिश कर रहे थे। इसके लिए वो भीड़ के बीच पैसे भी बांट रहे थे।

हालांकि कप्पन के वकील का कहना था कि कप्पन और उसके साथी उस गांव तक पहुंच ही नहीं पाए थे और उन्हें पहले ही रास्ते में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया था। चार्जशीट के साथ ही सैकड़ों पन्नों के मलयालम में लिखे गई खबरें को ट्रांस्लेट कर के कोर्ट में पेश किया । पुलिस ने कप्पन के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड और PFI और कप्पन के बीच हुए लेन देन का ब्यौरा भी इस चार्जशीट में पेश किया।

चार्जशीट में लिखा गया है कि कप्पन और उसके साथियों के कब्जे से 1717 पैम्फलेट बरामद किए हैं जिनमें लिखा गया था कि कैसे जाति विवाद पर दंगे भड़का कर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति को खराब किया जा सके। पुलिस के मुताबिक ड्राइवर आलम को छोड़कर कप्पन और उसके दो साथी गड़बड़ी फैलाने की साजिश रचकर हाथरस जा रहे थे। पुलिस के मुताबिक कप्पन ने इसके लिए कई वाट्सअप ग्रुप बना रखे थे जिनसे एक दूसरे को मैसेज किए जाते थे।

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