Home News पहली बार नहीं जब राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर किया भारत का अपमान , जानें कब-कब क्या कहा

पहली बार नहीं जब राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर किया भारत का अपमान , जानें कब-कब क्या कहा

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पहली बार नहीं जब राहुल गांधी ने विदेशी धरती पर किया भारत का अपमान , जानें कब-कब क्या कहा

कांग्रेस नेता राहुल गांधी छह दिन के लिए अमेरिका गए हुए हैं। वहां उन्होंने बुधवार सुबह भारतीयों से बातचीत की. इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार पर जमकर हमला किया. इतना ही नहीं उन्होंने यह तक कह डाला कि मोदी भगवान को भी बता सकते हैं कि क्या करना है.

यह पहली बार नहीं है जब राहुल गांधी की विदेशी धरती से केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित टिप्पणी के लिए उनकी आलोचना की गई है. आइए एक नजर डालते हैं उस समय पर जब राहुल ने विदेशों में ऐसी टिप्पणियां कीं.

राहुल गांधी का मार्च 2023 में ब्रिटेन दौरा

राहुल गांधी ने मार्च 2023 में ब्रिटेन की कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में कहा कि भारत में लोकतंत्र खतरे में है. उन्होंने मोदी पर हमला करते हुए कहा था कि, शायद महिलाओं को गैस सिलिंडर देना और लोगों के बैंक अकाउंट खुलवाना अच्छा क़दम है. ऐसे क़दम को ग़लत नहीं कहा जा सकता. लेकिन मेरे विचार में मोदी भारत की बनावट को बर्बाद कर रहे हैं. वो भारत पर एक ऐसा विचार थोप रहे हैं जिसे भारत स्वीकार नहीं कर सकता.”

राहुल गांधी का 2022 में लंदन दौरा

साल 2022 में राहुल गांधी ने लंदन (London) में आयोजित आइडियाज फॉर इंडिया सम्मेलन (Ideas for India Conference) में हिस्सा लिया था. यहाँ पर राहुल ने कहा था कि भारतीय धरती बीजेपी के हमलों से त्रस्त है और बीजेपी भारत की आवाज को दबा रही है। उन्होंने इस दौरान सीबीआई और ईडी का बिना नाम लिए भारत की तुलना पाकिस्तान से कर डाली थी।

राहुल गांधी का मार्च 2018 में मलेशिया दौरा

मलेशिया में भारतीयों के साथ बात करते हुए, राहुल ने 2016 में उच्च मूल्य के करेंसी नोटों को विमुद्रीकृत करने के पीएम मोदी के अचानक फैसले के खिलाफ तीखा हमला किया. यह कचरे के डिब्बे में है. इस तरह मैं राक्षसीकरण को बाहर कर देता, “राहुल ने कहा।

राहुल गांधी का अगस्त 2018 में जर्मनी दौरा

अगस्त 2018 में राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष थे और जर्मनी के दौरे पर गए थे. इस दौरान उन्होंने कहा कि भारत में रोजगार की बड़ी समस्या है, लेकिन प्रधानमंत्री उस पर बात नहीं करना चाहते. चीन हर रोज 50 हजार लोगों को रोजगार देता है, जबकि भारत में रोजाना 400 लोगों को ही रोजगार मिलता है.राहुल गांधी ने इस दौरान मोदी की तुलना ट्रंप जैसे पॉपुलर नेताओं से की. उन्होंने कहा कि लोगों की रोजगार जैसी समस्याएं सुलझाने के बजाय ये नेता उनके गुस्से का फायदा उठाते हैं.

राहुल गांधी का मार्च 2018 में सिंगापुर दौरा

मार्च 2018 सिंगापुर के ली कुआन यी स्कूल ऑफ पब्लिक पॉलिसी के पैनल डिस्कशन में बोलते हुए राहुल ने कहा था कि भारत की परिकल्पना ही इसमें है कि भले ही व्यक्ति किसी भी धर्म, जाति या भाषा से संबंध क्यों न रखता हो, उसे अपने घर जैसा महसूस होना चाहिए. उन्होंने कहा कि कुछ लोग चुनाव जीतने के लिए नफरत और हिंसा का सहारा ले रहे हैं. जबकि हमारा दृष्टिकोण लोगों को जोड़ने का है.

राहुल गांधी का सितंबर 2017 में अमेरिकी दौरा

साल 2017 के सितंबर में अपने दो हफ्ते के अमेरिकी दौरे के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बर्कले की मशहूर यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया को संबोधित किया था. उन्होंने कहा था कि संसद को अंधेरे में रखकर नोटबंदी लाई गई, नोटबंदी से अर्थव्यवस्था में गिरावट आई.उन्होंने कहा था कि आज नफरत और हिंसा की राजनीति हो रही है. हिंसा का मतलब मुझसे बेहतर कौन जान सकता है क्योंकि इसमें मैंने अपनी दादी और पिता को खोया है.राहुल ने कहा था, ‘हमने सूचना का अधिकार दिया, लेकिन मोदी सरकार ने इसे दबा दिया. अब सरकार में क्या हो रहा है, लोगों को नहीं पता

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