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आत्मनिर्भर भारत को धरातल पर उतारना होगा और चीन की आंख में आंख डाल कर बात करना होगा: प्रदीप भंडारी

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भारत और चाइना में इस वक्त तनाव भरा माहौल है। 15 और 16 जून को चीनी सेना के साथ भारतीय सेना की हिंसक झड़प हुई। जिसके बाद भारत के 20 जवान शहीद हो गए तो वहीं पर चीन के भी 43 सैनिक ढेर हुए। इस पूरे मुद्दे पर चीन के खिलाफ भारत देश में जबरदस्त माहौल है और लोग चीन के सामान को बायकाट करने की बात कर रहे हैं। इन्हीं सब मुद्दों को लेकर जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने बताया कि भारत चीन को कैसे रोक सकता है।

कैसे चाइना के खिलाफ है पूरी दुनिया?

जन की बात के फाउंडर प्रदीप भंडारी ने कहा कि शायद पहली बार हुआ है कि जब भारतीय सेना चीनी सेना पर हावी पड़ी है और चीन की सेना को धराशाई किया हो। भारतीय सेना ने चीन की सेना के अधिक सैनिकों को मार गिराया हो। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया कोरोना वायरस के बाद चीन के खिलाफ है और इस पर चाइना से जवाब मांग रही है। जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने कहा कि पहले चीन फ्री मार्केट का इस्तेमाल करके दुनिया के अलग-अलग देशों में पैसा डालता था। जो छोटे देश थे वहां खूब इन्वेस्टमेंट करता था और फिर बाद में उनके ऊपर अपना शासन करवाता था। इसीलिए एक बार मलेशिया के राष्ट्रपति ने कहा था कि हम नहीं चाहते कि चीन हमारे यहां इन्वेस्टमेंट करें क्योंकि अगर चीन ऐसा करेगा तो हम अपने देश को चीन के हाथ सौंप देंगे।

कोरोना के बाद चाइना के खिलाफ जब पूरी दुनिया एक हुई तो चाइना को अंतर्विरोध का भी सामना करना पड़ा। आपको बता दें कि चाइना में फ्री मीडिया नहीं है इस कारण चाइना से सारी बातें बाहर नहीं आ पाती हैं। चाइना के खिलाफ ऑस्ट्रेलिया भी हो गया है और वह चाहता है कि कोरोना वायरस को लेकर जांच हो। इसके साथ ही ब्राजील और जर्मनी भी कोरोना वायरस के लिए चीन को जिम्मेदार मानते हैं और इसीलिए भारत के समर्थन में भी खड़े हैं। क्योंकि ये देश हिंदुस्तान की नियत पर शक नहीं करते और लोग यह मान रहे हैं कि हिंदुस्तान एशिया में दूसरी शक्ति के रूप में उभर सकता है जो चाइना का काउंटर होगा। ये बात चीन को पच नहीं रहा है।

चाइना माओ को फॉलो कर रहा

जन की बात के फाउंडर प्रदीप भंडारी ने कहा कि चाइना माओ की रेड बुक को फॉलो करता है। जिसमें लिखा हुआ है कि बंदूक की नोक पर ताकत लो और सच्चाई को छुपाओ। इसी के तहत चाइना अपना प्रोपेगेंडा फैलाने के लिए अमेरिकी मीडिया में भी काफी एडवर्टाइजमेंट देता है। भारत में भी ऐसा करता हो और इसकी जांच भी होनी चाहिए। हिंदुस्तान के कई स्टार्टअप्स के अंदर भी चाइना ने भारी-भरकम निवेश किया है। भारत के करीब 2/3 से अधिक स्टार्ट जिनकी कीमत एक बिलियन डॉलर से अधिक है उसमें एक न एक व्यक्ति चाइना का इन्वेस्टर है।

आपको बता दें कि अब जब चाइना की पोल पूरी दुनिया में खुल गई है। तब चाइना भारत पर दबाव डालकर सच छुपाना चाहता है। इसीलिए चाइना पाकिस्तान को पीछे से मदद कर रहा है। साथ ही साथ नेपाल की भी विदेश नीति में बदलाव करने की पूरी कोशिश किया है और किया भी है। इसी बीच वह भारतीय सेना को बॉर्डर पर इंगेज रहने देना चाहता है। लेकिन चाइना ने कभी यह नहीं सोचा था कि भारत इतनी कड़ी प्रतिक्रिया देगा। यह चाइना के लिए किसी झटके से कम नहीं था।

चाइना के एक मिलिट्री स्ट्रेटजिस्ट है “ज़ू” जिन्होंने कहा है कि जब आप अपने और अपने दुश्मन के बारे में सब कुछ जानते हैं तो आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है। चाइना इसी फार्मूले पर आगे बढ़ रहा था लेकिन जब भारतीय सेना ने उसको कड़ी प्रतिक्रिया दी और यह चाइना के लिए किसी झटके से कम नहीं था। इसीलिए चाइना काफी परेशान है। पिछले 15 सालों में ऐसा शायद पहली बार देखा गया है जब चाइना के लोग मौत को स्वीकार तो कर रहे हैं लेकिन सही आंकड़ा भी नहीं बता रहे हैं। चाइना के अंदर एक घबराहट भरा माहौल है।

चाइना को भारत कैसे जवाब दे?

1- आपको बता दें कि भारत को चाइना की आंख में आंख डाल कर बात करना चाहिए और भारत को हमेशा चाइना पर हावी रहना चाहिए।

2-  वहीं पर दूसरी बात यह है कि भारत को अब चाइना से अधिक ग्रो करना चाहिए और इसके लिए आत्मनिर्भर भारत को धरातल पर उतारना होगा।

3- इसके साथ ही भारत को अमेरिका ,जापान, जर्मनी और इजरायल के साथ टेक्नोलॉजी डिफिसिट को भी बढ़ाना चाहिए। क्योंकि चाइना के पास डीप टेक्नोलॉजी डेफिसिट है और भारत को चीन से आगे निकलना पड़ेगा।

इसके साथ ही साथ चाइना के आंख में आंख डाल कर बात करना होगा और भारत को इकनोमिकली भी आगे बढ़ना होगा। तभी इस ड्रैगन को धराशाई किया जा सकता है।  यही सही वक्त है और आत्मनिर्भर भारत को भी धरातल पर उतारना होगा। ताकि मेड इन चाइना मेड इन इंडिया से रिप्लेस हो। क्योंकि जब कस्टमर के सामने दो प्रोडक्ट रखे होंगे, भले ही मेड इन इंडिया की प्राइस थोड़ी अधिक होगी लेकिन अगर कस्टमर को क्वालिटी मिलेगा तो वह मेड इन इंडिया ही पसंद करेगा।

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