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यूपी के लिए खास दिनः देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे की क्या है खासियत?

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रिषभ सिंह, जन की बात

341 किमी लंबा पूर्वांचल एक्सप्रेसवे लखनऊ से होते हुए बाराबंकी, फैजाबाद, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुल्तानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर से होकर गुजरेगा। एक्सप्रेसवे के जरिए दिल्ली से यूपी के पूर्वी कोने तक 10 घंटे के अंदर पहुंचा जा सकता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज C-130J सुपर हरक्यूलिस परिवहन विमान में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर उतरेंगे.वह 340.8 किलोमीटर की सड़क का उद्घाटन करने आएंगे यूपी स्थित सुल्तानपुर आएंगे. पीएम मोदी ने सोमवार को ट्वीट कर कहा कि यह ‘उत्तर प्रदेश के विकास पथ के लिए एक विशेष दिन’ होगा. प्रधानमंत्री ने पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की चार तस्वीरों के साथ ट्विटर पर लिखा, ‘यह परियोजना अपने साथ यूपी की आर्थिक और सामाजिक प्रगति लेकर आई है.’ पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का निर्माण लगभग 22,500 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है. यह राज्य की राजधानी लखनऊ को पूर्वी जिलों के साथ प्रयागराज और वाराणसी के प्रमुख शहरों से जोड़ेगा. एक्सप्रेसवे लखनऊ, बाराबंकी, अमेठी, अयोध्या, सुल्तानपुर, अंबेडकर नगर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर सहित नौ जिलों से होकर गुजरता है.

पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के उद्घाटन के बाद नोएडा से गाजीपुर जाना बहुत आसान हो जाएगा और सिर्फ और सिर्फ 8.30 घंटे में पहुंचा जा सकेगा. नोएडा से आगरा को जोड़ने वाला यमुना एक्सप्रेस-वे 165 किलोमीटर का है, जिसे 2 घंटे में तय किया जा सकता है. इसके बाद आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस-वे की लंबाई 302 किलोमीटर है, जिसे तय करने में 3 घंटे का समय लगेगा. लखनऊ से गाजीपुर को जोड़ने वाले पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे की दूरी 341 किलोमीटर है, जिसे साढ़े तीन घंटे में तय कर सकते हैं. इन तीन एक्सप्रेस-वे के जरिए आप 800 से ज्यादा किलोमीटर की दूरी सिर्फ 8 घंटे 30 मिनट में पूरी कर लेंगे.

मात्र 3 साल के अंदर बनकर तैयार हुआ पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे

सिर्फ 3 साल में 22,500 करोड़ की लागत से बनकर तैयार पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे 6 लेन का बनकर तैयार है, लेकिन भविष्य में इसे 8 लेन में भी बदला जा सकता है. एग्जीक्यूटिव इंजीनियर देवेंद्र कुमार ने बताया कि 120 की स्पीड डिजाइन की गई है, लेकिन स्पीड लिमिट 100 किलोमीर प्रति घंटे रखा गया है. क्रैश बैरियर को एक्सप्रेस-वे के चारों तरफ इस्तेमाल किया गया है. एक्सप्रेस वे को Q4 क्वालिटी से बनाया गया है.

9 जिलों से गुजरेगा पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे


उत्तर प्रदेश के 9 जिलों से होकर गुजरेगा पूर्वांचल एक्सप्रेस वे. यह एक्सप्रेसवे राज्य के लखनऊ, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, अमेठी, सुलतानपुर, आजमगढ़, मऊ और गाजीपुर जिले की सीमाओं से होकर गुजरेगा. इस एक्सप्रेस-वे की वजह से वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज जैसे जिलों को भी फायदा होगा.

क्या है पूर्वांचल एक्सप्रेस की खासियत?

इस एक्सप्रेस वे पर 18 फ्लाईओवर, 7 रेलवे ओवर ब्रिज, 7 बड़े पुल, 118 छोटे पुल, 13 इंटरचेंज, 8 टोल प्लाजा, 271 अंडरपास, 503 पुलिया बनाए गए हैं. 13 कट कुल दिए गए हैं, जहां से आप इस एक्सप्रेस वे पर चढ़ सकते हैं और उतर सकते हैं.

पूर्वांचल एक्‍सप्रेस-वे से जुड़ी खास बातें 

– गाजीपुर से दिल्ली पहुंचने में 10 घंटे लगेंगे
– राजधानी से पूर्वांचल के आखिरी छोर तक सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी
– पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से खेती-किसानी के लिए कारोबार के नए रास्ते खुलेंगे
– -सब्जी और दूध व्यवसाय को एक्सप्रेस वे से फायदा होगा
– गाजीपुर से बिहार को जोड़ने के प्रस्ताव पर भी काम चल रहा है
– फिलहाल लोगों को टोल टैक्स नहीं देना पड़ेगा
– वाहनों की गति सीमा 100 किमी प्रति घंटा

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