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इस देश की भावना शिवाजी हैं ,ना की क्रूर औरंगजेब।: प्रदीप भंडारी की दलील

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सोमवार को जनता का मुकदमा का विशेष संस्करण प्रदीप भंडारी ने किया। प्रदीप भंडारी ने हर हर महादेव के जयकारे के साथ शो की शुरुआत की। प्रदीप भंडारी ने अपने शो में कहा कि, “आज हमारे सनातन भारत के लिए ऐतिहासिक दिन है। काशी से हमारे प्रधानमंत्री ने जो सनातन धर्म को दिशा दिखाई है वो पीढ़ियों दर पीढ़ी याद रखी जाएगी। प्रधानमंत्री मोदी ने जब औरंगजेब की क्रूरता पर खुल कर कहा तो उन सब लिबरल इतिहासकारों की पोल खोल दी जो सालों दर साल इस युवा पीढ़ी को महान शिवाजी को पढ़ाने के बजाय औरंगजेब की क्रूरता का महिमामंडन करते थे। भारत की भावना शिवाजी हैं ना कि औरंगजेब।”

प्रदीप भंडारी ने आगे कहा कि, “प्रधानमंत्री मोदी ने श्रमजीवीयों के ऊपर फूल बरसाए, अपनी कुर्सी हटा ली और उनके साथ बैठे। उन्होंने कॉलोनियल हैंगओवर से पीड़ित बुद्धिजीवियों को बताया कि सच में बराबरी वाली सोच क्या होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने मजदूरों के साथ बैठकर खाना खाया ,उसी कुर्सी पर बैठकर खाया, उसी थाली में खाया। प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया को बता दिया कि सही मायने में डिग्निटी ऑफ लेबर क्या होती है। प्रधानमंत्री मोदी ने जब रुद्राक्ष की माला हाथ में ली और कलश हाथ में लिए मां गंगा में तीन डुबकी लगाई उस वक्त उन्होंने उन सब सीजनल हिंदुओं का मुंह बंद कर दिया और सनातन भारत के नए अध्याय को भी लिख दिया।”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि , “दोस्तों कई लोगों ने काशी विश्वनाथ धाम को लेकर झूठ पर झूठ फैलाया। आज उन सब को बाबा विश्वनाथ से माफी मांगनी चाहिए। काशी विश्वनाथ धाम के निर्माण के समय खुदाई में कई पुराने मंदिर मिले और यह सब काशी विश्वनाथ धाम की शोभा बढ़ाएंगे। जिन काशी वासियों ने बाबा विश्वनाथ धाम के लिए अपनी जमीन दी उनको मार्केट से दुगने तिगने रेट दिए गए। कोरोना के दौर में भी धाम के निर्माण को पूरा करना एक बहुत बड़ी उपलब्धि है। छोटी सोच वाले यह नहीं समझते कि काशी में भव्य मंदिर के निर्माण से रोजगार के नए अवसर आएंगे और अध्यात्म टूरिज्म का एक इकोसस्टम तैयार होगा। दोस्तों वह दौर गया जब इस देश के कुछ नेता सनातन धर्म को हिन्दू आतंकवाद से जोड़ते थे और संतो पर फर्जी मुक़दमे दर्ज होते थे।”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि इस वक्त अखिलेश यादव और कुछ राजनीतिक नेता है ऐसी टिप्पणी कर रहे हैं जिसकी मैं बात ही नहीं करना चाहता, क्योंकि ये टिप्पड़ी सत्य नही है।

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