मालेगांव ब्लास्ट मामले में गवाह समीर कुलकर्णी ने प्रदीप भंडारी से कहा, केस में योगी आदित्यनाथ समेत 5 आरएसएस नेताओं का नाम लेने के लिए दबाव बनाया गया

मालेगांव ब्लास्ट मामले में गवाह समीर कुलकर्णी ने मंगलवार को जनता का मुकदमा शो पर प्रदीप भंडारी से विशेष बातचीत की और उन्होंने कुछ बड़े खुलासे किए हैं। समीर कुलकर्णी ने प्रदीप भंडारी से कहा कि गवाह ने आज विशेष एनआईए कोर्ट में कहा कि एटीएस मुझे कोई संबंध देकर नहीं बुलाई थी बल्कि मेरे घर से रात 9:00 बजे मुझे मेरे परिवार के सामने उठाकर ले गई थी। गवाह ने यह भी कहा कि मुझे बहुत दिनों तक पुणे और मुंबई के कार्यालय में अवैध तरीके से डिटेन किया गया और मेरे साथ एक आरोपी की तरह व्यवहार किया गया। गवाह ने यह भी कहा कि उस समय एटीएस ने मुझे केवल 5 नामों को लेने के लिए दबाव बनाया गया रूपा चुनाव आरक्षण से जुड़े हुए थे उसमें स्वामी असीमानंद महाराज, योगी आदित्यनाथ इंद्रेश कुमार देवधर जी और काका जी का नाम लेने के लिए दबाव बनाया गया। समीर कुलकर्णी ने बताया कि आज गवाह का बयान स्पेशल एनआईए कोर्ट में रिकॉर्ड हुआ है और गवाह ने बताया कि उसे प्रताड़ित किया गया। निर्वस्त्र करके उसको पीटा गया और उसके साथ एक आरोपी की तरह व्यवहार किया गया।

समीर कुलकर्णी ने जनता का मुकदमा शो पर प्रदीप भंडारी से कहा कि उस समय अधिकारी परमवीर सिंह और उनके साथी अधिकारी ने गवाह पर दबाव बनाया कि ये 5 नाम ले लो और आपको छोड़ देंगे। पांचों नाम आरएसएस के नेताओं से जुड़े हुए थे। समीर कुलकर्णी ने बताया कि मुझे भी टॉर्चर किया गया, दबाव बनाया गया कि हम उनके हिसाब से यह नाम ले ले और फिर हमें छोड़ दिया जाएगा।

आगे समीर कुलकर्णी ने बताया कि मुझे स्वयं भोपाल से परमवीर सिंह की पत्नी की चार्टर्ड फ्लाइट में पकड़कर के मालेगांव ब्लास्ट मामले में लाया गया और उस वक्त मैं पहली बार ब्लास्ट मामले को सुना। हमें उन्होंने टॉर्चर किया और 24 घंटों में से 20 घंटे हमें पीटते थे कि सिर्फ हम यह 5 नाम ले ले।

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