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पांच साल बाद मां से मिले योगी, हमेशा यूपी की जनता को दी प्राथमिकता

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उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड के तीन दिवसीय दौरे पर थे। मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उत्तराखंड पहुंचे और अपने गांव पंचूर में अपने मां से मिलने गए। सीएम योगी करीब 31 साल बाद अपने गांव गए और वहां रात्रि विश्राम किया। सीएम योगी के आगमन को लेकर ग्रामवासियों ने भव्य तैयारियां की थी। उनके घर पर उनके लिए तरह-तरह के व्यंजन बनाए गए थे। बता दें कि इसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 2017 में अपनी मां से मिलने अपने गांव गए थे लेकिन कुछ देर बाद ही गांव से रवाना हो गए थे।

मंगलवार की शाम जब योगी आदित्यनाथ अपने गांव अपनी मां से मिलने के लिए पहुंचे, इस दौरान उन्होंने अपनी मां को शॉल भेंट किया और उनका पैर छूकर आशीर्वाद लिया। सीएम योगी को देखकर उनकी मां काफी प्रसन्न नजर आईं। जबकि हमेशा गंभीर रहने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी खुश नजर आएं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां से मिलते हुए फोटो जैसे ही सोशल मीडिया पर सामने आई सभी लोगों ने योगी की तारीफ की।

आपको बता दें कि इससे पहले सीएम योगी आदित्यनाथ ने यमकेश्वर में आयोजित कार्यक्रम में हिस्सा लिया और वहां अपने गुरु महंत अवेद्यनाथ की प्रतिमा का अनावरण किया। इस मौके पर सीएम योगी अपने गुरु को याद करते हुए भावुक हो गए। सीएम की आंखे भर आईं। उन्होंने कार्यक्रम में कहा, “आज मुझे अपने गुरुओं का सम्मान करने का सौभाग्य मिला। मैं 35 साल बाद अपने अध्यापकों से मिल पा रहा हूं। कई गुरू अब नहीं हैं। मैं आज जो कुछ भी हूं माता-पिता और गुरू अवेद्यनाथ की वजह से हूं।”

कोरोना में योगी का शानदार काम: कोरोना में योगी आदित्यनाथ ने शानदार काम किया। जब कोरोना की बीमारी आई तो सब ने उत्तर प्रदेश को लेकर चिंता जताई कि यहां पर स्वास्थ्य सुविधा नहीं सही है, इतना बड़ा प्रदेश है, 24 करोड़ की आबादी है। लेकिन योगी आदित्यनाथ और उनकी टीम ने ऐसा काम किया कि इतना बड़ा प्रदेश होने के बावजूद कोरोना की रोकथाम के लिए उत्तर प्रदेश में सबसे शानदार काम किया।

पिता की मौत पर नहीं गए: कोरोना काल के दौरान अप्रैल 2020 में योगी आदित्यनाथ के पिता का निधन हो गया। योगी आदित्यनाथ को सूचना मिली लेकिन वह पिता के निधन पर अंतिम संस्कार में नहीं गए। उन्होंने साफ कह दिया कि उनके लिए प्रदेश पहले है और वह एक योगी है।

पुर्वांचल से खत्म किया जापानी बुखार: पूर्वांचल में 2017 के पहले जापानी बुखार एक सबसे बड़ी समस्या थी। योगी आदित्यनाथ गोरखपुर के सांसद थे तो वह इस मुद्दे को संसद में भी उठाते थे क्योंकि गोरखपुर और उसके आसपास के जिले इस बीमारी से सबसे अधिक पीड़ित थे।  हर वर्ष सैकड़ों बच्चों की मौत होती थी। 2017 में जब योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने उसके बाद उन्होंने जापानी बुखार पर काम किया और महज 2 साल में इस पर काबू पा लिया। आज उत्तर प्रदेश में जापानी बुखार का नामोनिशान नहीं है।

यूपी से गुंडों का सफाया: 2017 के पहले उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ी समस्या थी अपराधियों की। कई जगहों पर तो माफिया टैक्स लिया जाता था। प्रयागराज जैसे इलाके में कोई भी अपना घर बनवाता था तो उसे अतीक अहमद और वहां के स्थानीय माफियाओं को टैक्स देना पड़ता था। 2017 में योगी आदित्यनाथ मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने माफियाओं के खिलाफ एक अभियान छेड़ा और यहीं से बुलडोजर की कहानी शुरू हुई।

2017 के बाद मुख्तार और अतीक अहमद नाम के गुंडे और सभी बड़े माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने कार्रवाई की। किसी के घर पर बुलडोजर चला तो किसी की संपत्ति कुर्क हुई। अब हालत यह है कि प्रदेश में कोई भी बड़ा माफिया नहीं बचा है। जो है वह जेल में और कुछ का एनकाउंटर भी हो चुका है। कब्जाई गई जमीन से प्रशासन ने कब्जा छुड़वाया और उसे गरीबों के लिए फ्लैट बनाने में इस्तेमाल किया गया। हाल ही में अतीक के कब्जे से छुड़वाई गई प्रयागराज में एक जमीन पर गरीबों के लिए फ्लैट बनाया जा रहा है। इसका भूमि पूजन भी योगी आदित्यनाथ ने किया।

शुरू में योगी आदित्यनाथ के बुलडोजर नीति का कई लोगों ने विरोध किया। लेकिन आज हर एक प्रदेश में बुलडोजर नीति ही देखी जा रही है। सब को लग रहा है कि बुलडोजर नीति से ही अपराधियों पर काबू पाया जा सकता है। योगी आदित्यनाथ के विरोधी भी मानते हैं कि उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद अपराधियों और माफियाओं पर कार्यवाही हुई है और कानून-व्यवस्था की स्थिति सुधरी है।

2022 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को बड़ी जीत मिली। ऐसा 35 साल बाद हुआ कि कोई भी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश में लगातार दूसरी बार चुनकर आया। जनता ने योगी आदित्यनाथ को पसंद किया और उन्हें जमकर वोट किया। बीजेपी गठबन्धन को 273 सीटों पर जीत मिली, जो एक रिकॉर्ड है।

योगी आदित्यनाथ पर किताब लिखने वाले लेखक शांतनु गुप्ता ने ट्वीट के माध्यम से बताया कि योगी जी की मां ने बचपन में योगी को क्या-क्या सिखाया है। शांतनु गुप्ता ने ट्वीट करते हुए लिखा, “माँ! योगी जी पर किताब लिखते समय, सावित्री देवी से पंचूर गाँव में मिलना हुआ था। उन्होंने योगी जी का बचपन में स्कूल के लिए सजग रहना, गायों की देखभाल में तत्पर रहना, पौराणिक कथाओं में रुचि लेना, अपनी बहनों का आदर करना, ऐसी बहुत सी बातें बड़ी ही ममता से बताई थी। धन्य है ये माँ।”

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