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क्या अडाणी ग्रुप की लोकप्रियता को सहन नहीं कर पा रहे पश्चिमी देश?

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आज के समय में जब भारत के विकास की बात होती है तो उसमें उद्योगपतियों का भी सहयोग होता है। गौतम अडानी पिछले कुछ सालों से चर्चा के केंद्र बने हुए हैं। इस समय दुनिया के चौथे सबसे अमीर व्यक्ति हैं अडानी। वह नंबर 2 तक भी पहुंचे थे, लेकिन आज वह चौथे नंबर पर खिसक गए। लेकिन जैसे-जैसे भारत की साख दुनिया में बढ़ रही है, वैसे-वैसे भारत और उद्योगपतियों को पश्चिमी देशों द्वारा निशाना बनाया जा रहा है।

अडानी दुनिया के दूसरे नंबर तक पहुंच गए जिसे पश्चिमी देश पचा नहीं पाए।  एक रिपोर्ट के चलते अडानी के शेयरों में आज भारी बिकवाली हुई। यह रिपोर्ट फॉरेंसिक फाइनेशियल रिसर्च फर्म Hindenburg की थी। हालांकि, अडानी ग्रुप की ओर से इस रिपोर्ट को बकवास बताया गया। हिंडेनबर्ग रिसर्च ने अडानी ग्रुप की कंपनियों को 85 फीसदी से ज्यादा ओवरवैल्यूड बताया था।

अडानी ग्रुप के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर जुगशिंदर सिंह ने हिंडनबर्ग रिसर्च की रिपोर्ट को बकवास बताया है। उन्होंने इस रिपोर्ट को तथ्यहीन बताया। सिंह ने कहा कि जो आरोप लगाए गए हैं, वे बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि यह रिपोर्ट दुर्भावना से प्रेरित है। सिंह ने कहा, ‘हिंडनबर्ग रिसर्च ने हमसे संपर्क करने या मैट्रिक्स को वेरिफाई करने की कोशिश नहीं की। यह रिपोर्ट गलत सूचनाओं से भरी है।’

फर्म की इस रिपोर्ट के सामने आने के बाद अडाणी ग्रुप की सभी लिस्टेड कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। बुधवार को अडाणी ट्रांसमिशन 8.08%, अडाणी पोर्ट्स 6.13%, अडाणी विल्मर 4.99%, अडाणी पावर 4.95%, अडाणी टोटल गैस 3.90%, अडाणी ग्रीन एनर्जी 2.34% और अडानी इंटरप्राइजेज 1.07% गिरकर बंद हुआ। अडाणी ग्रुप द्वारा हाल ही में खरीदी कंपनियों अंबुजा सीमेंट 6.96%, ACC 7.14% और NDTV का शेयर 5.00% गिरा।

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Sombir Sharma
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Sombir Sharma - Journalist

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