उमेश पाल मर्डर केस के आरोपी गैंगस्टर अतीक अहमद को मंगलवार सुबह 11 बजे प्रयागराज के MP-MLA कोर्ट में पेश किया जाना है। इसके लिए UP STF की टीम अतीक को अहमदाबाद की साबरमती जेल से प्रयागराज ला रही है। आज शाम तक वो प्रयागराज पहुंच सकता है। हालांकि, उसे अपनी हत्या होने का डर सता रहा है। जेल से बाहर आते ही अतीक ने कहा, ‘ये मेरी हत्या करना चाहते हैं।’
अतीक ने साल 2006 में उमेश पाल को अगवा किया था। इसी मामले में मंगलवार को प्रयागराज की MP-MLA कोर्ट फैसला सुनाएगी। अतीक को प्रयागराज जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में रखा जाएगा। उसके सेल में CCTV कैमरा होगा। तैनात जेल कर्मचारियों के पास बॉडी वियर कैमरे होंगे। जेल हेडक्वॉर्टर वीडियो वॉल के जरिए 24 घंटे उसकी निगरानी करेगा।
2006 में की थी उमेश की किडनैपिंग
प्रयागराज के चकिया क्षेत्र में अतीक की एक खंडहरनुमा बिल्डिंग है। इसमें घर और दफ्तर है। दफ्तर के आगे का हिस्सा एक बार मायावती की सरकार में 2006 में और दूसरी बार भाजपा की सरकार में 2020 में गिराया जा चुका है। आगे से तो यह तीन मंजिला भवन किसी भूत बंगले से कम नहीं लगता। चारों तरफ मलबा गिरा है।
मकान के ग्राउंड फ्लोर पर अतीक का टॉर्चर रूम है। इसी बिल्डिंग में साल 2006 में अतीक ने उमेश पाल को किडनैप कर रखा था। बताया जा रहा है कि अतीक जिसे उठवाता था, उन पर इसी रूम में जुल्म किए जाते थे। इसमें न पंखा मिला और न ही कोई और साधन।
2007 में अतीक पर अपहरण का केस दर्ज हुआ
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अतीक ने 2006 में उमेश पाल को गन पॉइंट पर अगवा कर लिया था। उसे 3 दिन तक इसी रूम में टॉर्चर किया गया था। उमेश पाल को मारा-पीटा गया था। भूखा रखा गया था। बिजली के शॉक दिए गए थे। कहा जाता है कि अतीक ने उमेश को इतनी यातनाएं दीं कि वह डर गया।
अतीक ने उमेश से जबरन हलफनामे पर अपने पक्ष में बयान लिखवा लिए थे। इसके बाद धमकी देकर छोड़ा था कि हमारे खिलाफ गवाही दी, तो अगली बार जिंदा नहीं छोड़ेंगे। उमेश पाल ने 2007 में अपने अपहरण का मुकदमा दर्ज कराया था। माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ के खिलाफ ये केस दर्ज कराया गया था। तभी से यह केस चल रहा है।
उमेश पाल की हत्या से पहले हो चुकी थी गवाही
अपहरण के मुकदमे की पैरवी से लौटते समय 24 फरवरी को उमेश पाल की उनके घर के बाहर ताबड़तोड़ गोलियां और बम बरसाकर हत्या कर दी गई थी। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 16 मार्च तक केस की सुनवाई पूरी करने का निर्देश दिया था। हत्या से पहले इस केस में उमेश पाल की गवाही हो चुकी थी। बचाव पक्ष का बयान दर्ज होना था। अब बचाव पक्ष की भी कोर्ट ने दलीलें सुन ली हैं।
सुनवाई पूरी, फैसला 28 मार्च को
उमेश पाल अपहरण मामले में प्रयागराज की स्पेशल एमपी/एमएलए कोर्ट में शुक्रवार को सुनवाई पूरी हो गई। सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने अपना फैसला रिजर्व रखा है। स्पेशल कोर्ट इस मामले में 28 मार्च को अपना फैसला सुनाएगी। उमेश पाल अपहरण मामले में माफिया अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ को सजा मिलना लगभग तय माना जा रहा है। इसी अपहरण केस के सिलसिले में अतीक अहमद को अहमदाबाद की साबरमती जेल से प्रयागराज की एमपी-एमएलए कोर्ट में लाया जा रहा है।