कर्नाटक बीजेपी नेता ईश्वरप्पा ने गुरूवार को उन्होंने गुलबर्गा में कांग्रेस के चुनावी घोषणापत्र की प्रतियों को जला दिया। उन्होंने आगे के हवाले करते हुए कांग्रेस पर जमकर निशाना साधते हुए कहा ‘बजरंग दल की तुलना प्रतिबंधित कट्टरपंथी पीएफआई से किए जाना बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।
बताते चलें कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने घोषणपत्र जारी करते हुए कहा था कि कांग्रेस की सरकार आने पर बजरंग दल और पीएफआई जैसे संगठनों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इस मौके पर पार्टी अध्यक्ष खड़गे के अलावा पूर्व सीएम सिद्धारमैया और प्रदेश अध्यक्ष डीके शिवकुमार के साथ ही अन्य पार्टी नेता मौजूद रहे। बजरंग दल पर बैन को लेकर कांग्रेस के वादे पर बीजेपी हमलावर दिख रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने भी कांग्रेस की जमकर आलोचना की है।अपनी जनसभाओं के दौरान उन्होंने कहा है कि कांग्रेस ने हनुमान जी को बंद करने का फैसला किया है। शुरू में उन्होंने प्रभु श्री राम को बंद कर दिया और अब वे ‘जय बजरंग बली’ कहने वालों को बंद करना चाहते हैं’।
प्रधानमंत्री ने कहा, “आज हनुमान की इस पावन भूमि को नमन करना मेरा सौभाग्य है। लेकिन दुर्भाग्य देखिए, आज जब मैं यहां हनुमानजी को प्रणाम करने आया हूं, उसी समय कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणा पत्र में बजरंग बली को बंद करने का फैसला किया है। पहले श्री राम को बंद किया गया था और अब उन्होंने जय बजरंगबली का जाप करने वालों को बंद करने का संकल्प लिया है। यह देश का दुर्भाग्य है कि कांग्रेस को भगवान श्री राम से भी समस्या थी और अब उसे उन लोगों से भी समस्या है जो जय बजरंगबली कहते हैं।” यही नहीं, प्रधानमंत्री मोदी इसके बाद से लगातार कर्नाटक की रैलियों में बजरंग बली की चर्चा कर रहे हैं।
वहीं पलटवार करते हुए कांग्रेस नेता खेड़ा ने जनसभा में अपने कुर्ते की ऊपर वाली जेब से हनुमान चालीसा निकाली और इसे दिखाते हुए कहा, ‘‘प्रधानमंत्री जी आप हमारी आस्था का कैसे अपमान कर सकते हैं? आपको यह अधिकार किसने दिया है? प्रधानमंत्री जी, आप माफी मांगिये क्योंकि आपने करोड़ों हनुमान भक्तों की आस्था का अपमान किया है।” उनका कहना था, ‘‘हम धर्म और राजनीति को अलग रखते हैं। यह देश मुद्दों की राजनीति को पसंद करता है। इस तरह की ओछी बातों को स्वीकार नहीं कर सकता। 13 मई को कर्नाटक की जनता से जवाब मिल जाएगा।”