नूंह दंगों का सच दिखाने पर प्रदीप भंडारी के समर्थन में आए लोग, पढ़िए लोगों ने क्या कहा

हरियाणा के नूह में 31 जुलाई को हुए दंगों में कट्टरपंथियों ने 4 लोगों की हत्या कर दी। इन्ही मृतकों में से एक थे 22 वर्षीय अभिषेक चौहान। शुक्रवार को प्रदीप भंडारी ने अभिषेक के घर पहुंच कर जब दंगों की सच्चाई पता करनी चाही तो जो बातें सामने आईं वो काफी भयावह थीं। प्रदीप भंडारी जब अभिषेक के घर पहुंचे तो लोगों ने दंगे वाले दिन की एक एक सच्चाई कैमरे पर बताई। जिसको सुनकर किसी के भी रोंगटे खड़े हो जाएं।

पीड़ित अभिषेक के साथ दर्शन करने गए दोस्तों ने बताया की कैसे पूर्व नियोजित तरीके से पहाड़ों पर बैठे कट्टरपंथियों ने यात्रा को चारों तरफ से घेर लिया। इसके बाद पहले पत्थरबाजी हुई, फिर गाड़ियों को आग लगाई गई और अंत में ताबातोड गोलियां बरसाई गईं। जिनमे से एक गोली अभिषेक को भी लगी। लेकिन कट्टरपंथी इतने पर भी नहीं रुके। उन्होंने अभिषेक को अस्पताल ले जा रही एंबुलेंस को रोका, और अभिषेक के गले पर धारदार हथियार से वार करके उसका गला काट दिया। इसके बाद उन दंगाइयों ने उसके चेहरे को पत्थर से भी कुचलने की कोशिश की।

प्रदीप भंडारी की इस रिपोर्ट का लोगों को खूब समर्थन मिल रहा है। देश के तमाम रसूखदार लोग प्रदीप भंडारी द्वारा दिखाई गई इस नूह दंगे की सच्चाई पर उनका समर्थन कर रहे हैं। शुक्रवार को ये ग्राउंड रिपोर्ट जारी होते ही एक घंटे के अंदर 10 हजार से ज्यादा लोगों ने इसे ट्वीट किया।

लेखक रतन शारदा ने वीडियो रिट्वीट करते हुए लिखा “प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित परिवार की कहानी बताने के लिए प्रदीप भंडारी को धन्यवाद।

ऐसा लगता है कि गृहयुद्ध भड़काया जा रहा है। क्या ये एक आकस्मिक हिंसा है या किसी बड़ी साजिश का हिस्सा?

एक ट्विटर यूजर दी हॉक आई ने लिखा “ये बहुत दिल दहला देने वाली कहानी है। दृश्यों का विवरण रोंगटे खड़े कर देने वाला है। प्रदीप भंडारी ने गरिमा बनाए रखी और भावनाओं का सम्मान किया, बिना किसी अजीब बातचीत, गैरजरूरी टिप्पणी या नाटकीय बैकग्राउंड म्यूजिक के इसे काफी परिपक्वता से दिखाया।

अंकित पांडे ने लिखा “ग्रेट स्टोरी प्रदीप भंडारी जी, यही है असली ग्राउंड रिपोर्टिंग।

Vipin Srivastava
Vipin Srivastava
journalist, writer @jankibaat1

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