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अपराधी शाहजहां शेख को बचाने के लिए ममता बनर्जी इतनी बेचैन क्यों?: अमित मालवीय

पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखली में दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू की गई है। इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। शुक्रवार को स्थानीय महिलाओं ने संदेशखली में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के फरार नेता शेख शाहजहां और उनके सहयोगियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर प्रदर्शन किया था।

इस बीच बीजेपी के आईटी सेल हेड अमित मालवीय ने X पर लिखा, “पश्चिम बंगाल का खून बह रहा है। शाहजहाँ शेख और उसके आदमी संदेशखाली की युवा विवाहित महिलाओं को कैद में रखते हैं और उनके साथ तब तक बलात्कार करते हैं जब तक वे संतुष्ट नहीं हो जाते। लेकिन पश्चिम बंगाल की तानाशाह ममता बनर्जी ने बलात्कार और धमकी की इस राजनीति के खिलाफ बशीरहाट एसपी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे प्रदेश अध्यक्ष डॉ. सुकनता मजूमदार के नेतृत्व में भाजपा कार्यकर्ताओं पर पुलिस तैनात कर दी है।”

अमित मालवीय ने आगे कहा, “शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, पथराव (पुलिस टीएमसी के गुंडों की तरह व्यवहार कर रही है) और आंसू गैस के गोले छोड़े गए हैं। कई भाजपा कार्यकर्ता, दोनों पुरुष और महिलाएं, गंभीर रूप से घायल हैं और खून बह रहा है। इससे पहले हमारे प्रदेश अध्यक्ष और अन्य नेताओं को सड़क मार्ग से यात्रा करने की अनुमति नहीं थी, और उन्हें संदेशखाली के लिए ट्रेन लेनी पड़ी।अपराधी शाहजहाँ शेख को बचाने के लिए ममता बनर्जी इतनी बेचैन क्यों हैं? वह पश्चिम बंगाल में हिंदू महिलाओं के साथ बलात्कार को क्यों बढ़ावा दे रही है?”

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