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“कथित लिबरल पत्रकारों” का एजेंडा फेल, देश के राष्ट्रवादी बोले – #ISupportPradeepBhandari

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“कथित लिबरल पत्रकारों” का एजेंडा फेल, देश के राष्ट्रवादी बोले – #ISupportPradeepBhandari
प्रदीप भंडारी के शो जनता का मुकदमा ने किया सोशल मीडिया पर धमाका, कुछ ही मिनटों में ट्विटर पर बना देश का No.1 ट्रेंड

जन की बात के संस्थापक और जनता के वकील प्रदीप भंडारी ने शुक्रवार को अपने शो जनता का मुकदमा में लखबीर सिंह के न्याय के लिए आवाज उठाई। लखबीर सिंह वही हैं जिन्हें सिंघु बॉर्डर पर कथित आंदोलनकारियों ने मार मार कर मौत के घाट उतार दिया। लखबीर सिंह दलित समुदाय से आते हैं और पंजाब के तरनतारन के निवासी हैं। हत्यारों ने उन्हें इतना मारा कि उनकी मृत्यु हो गई और उनके हाथ को काट कर लटका दिया गया और उनके शव को उल्टा लटकाया गया। जैसा अफगानिस्तान में तालिबान करता है कुछ वैसा ही कथित आंदोलनकारियों ने उनके साथ किया। इस पूरे घटना पर जन की बात के संस्थापक और जनता का मुकदमा शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने आवाज उठाई और अपनी दलील प्रस्तुत की। प्रदीप भंडारी ने देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपील की कि वह जल्द से जल्द इस मामले का संज्ञान ले और हत्यारों के विरुद्ध सरकार कड़ी कार्यवाही करें क्योंकि भारत तालिबानी सोच से नहीं चलता है। ऐसा सिर्फ तालिबान राज में होता है और सरकार को ऐसे अराजक तत्वों के खिलाफ कार्यवाही करनी चाहिए।

प्रदीप भंडारी जब अपनी दलील प्रस्तुत कर रहे थे उस वक्त उनका गुस्सा भी काफी अधिक था और यह उनका गुस्सा नहीं बल्कि पूरे देश का गुस्सा था,क्योंकि वो देश की आवाज उठा रहे थे। पूरा देश मांग कर रहा है कि आंदोलन में हत्या, रेप जैसी घटनाएं हो रही हैं, सरकार इस पर चुप है। क्यों नहीं सरकार कोई कड़ी कार्यवाही करती है? देश के जनता के इसी आवाज को प्रदीप भंडारी अपने शो के माध्यम से देश के सामने रख रहे थे। उनकी दलील के एक छोटे से अंश को कुछ यूट्यूब पत्रकारों ने निकाल लिया और सोशल मीडिया पर प्रदीप भंडारी के खिलाफ प्रोपेगेंडा चलाने लगे। जो लोग उनके खिलाफ प्रोपेगेंडा चला रहे हैं यह शुरू से प्रदीप भंडारी के खिलाफ बोलते आ रहे हैं क्योंकि जब प्रदीप भंडारी हिंदुओं की आवाज उठाते हैं तब इन कथित पत्रकारों को मिर्ची लगती है। यह वही कथित पत्रकार है जो 26 जनवरी की हिंसा पर मौन रहते हैं और उसको अपना मौन समर्थन देकर जायज ठहराते हैं। इसमें से कई पत्रकार तो ऐसे हैं जो लखबीर सिंह की हत्या पर एक शब्द भी नहीं बोलते। ऐसा इसलिए क्योंकि उन्होंने पूर्व में लखबीर सिंह के हत्यारों का समर्थन किया है, उनकी आवाज को बढ़ावा दिया है।

https://twitter.com/sandeepsudan/status/1449288738362716164?t=NHbadJPVrPDK2GnDs9dbYg&s=19

https://twitter.com/write2sumeet/status/1449285829797416965?t=OYa1uWBp4yjD40OnaRJZPA&s=19

जब सोशल मीडिया पर इन कथित यूट्यूब पत्रकारों ने अपना प्रोपेगेंडा फैलाया। उसके बाद सोशल मीडिया के राष्ट्रवादी लोगों ने प्रदीप भंडारी के समर्थन में अपनी आवाज उठानी शुरू कर दी। कुछ ही मिनटों में सोशल मीडिया के राष्ट्रवादी लोगों ने #ISupportPradeepBhandari नामक हैशटैग चला दिया और सिर्फ कुछ मिनटों में ही यह हैशटैग नंबर वन हो गया। करीब 30 हजार से अधिक लोगों ने सोशल मीडिया पर प्रदीप भंडारी के समर्थन में पोस्ट किया और इन कथित पत्रकारों को एक्सपोज किया। इससे साफ जाहिर होता है कि देश प्रदीप भंडारी के साथ हैं और देश के राष्ट्रवादी लोग भी वही चाहते हैं जो प्रदीप भंडारी चाहते हैं।

https://twitter.com/PradeepBfanclub/status/1449302506253684744?t=bORiYkROpIepp4JyGjr7pQ&s=19