Home Uncategorized बरखा त्रेहान की मुहिम का असर: सोनीपत आत्महत्या मामले में आरोपी बहू व उसके माता पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

बरखा त्रेहान की मुहिम का असर: सोनीपत आत्महत्या मामले में आरोपी बहू व उसके माता पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

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बरखा त्रेहान की मुहिम का असर: सोनीपत आत्महत्या मामले में आरोपी बहू व उसके माता पिता को पुलिस ने किया गिरफ्तार

आधुनिक इस युग में नारी सशक्तिकरण अपने चरम पर है। किंतु ऐसे समय जब नारी सशक्तिकरण अपने चरम पर है और कानून भी  महिलाओं के अधिकारों को लेकर समर्पित है। तो वही देश में कही ना कही पुरुष सशक्तिकरण की भी आव्यशक्ता उठने लगी है।

आजकल आए दिन पुरुषो के प्रताड़ित होने के मामले सामने आने लगे हैं। ऐसा ही एक मामला सोनीपत की महावीर कॉलोनी में सामने आया था। जिसमे बहू द्वारा पुलिस को दी गई प्रताड़ना की शिकायत के बाद उसके पति, सास और ससुर ने जहर निगल लिया। तीनों को गंभीर हालत में सामान्य अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां तीनों की उपचार के दौरान मौत हो गई।

महावीर कॉलोनी निवासी अंकित की पत्नी डॉली ने अपने ससुर दिनेश, सास ब्रजेश और पति अंकित के खिलाफ थाने में उत्पीड़न की शिकायत दी थी। आरोप है कि उन्होंने अंकित व उनके माता-पिता के साथ कहासुनी की थी।

इससे आहत होकर गुरुवार सुबह तीनों ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। इस मामले में पुलिस ने अभी तक कोई खास सक्रियता नही दिखाई है। दिल्ली से पॉलिटिकल एक्टिविस्ट बरखा त्रेहान की अगुवाई में पुरुष अधिकार आयोग संगठन जब इस मामले का संज्ञान लेने पहुंचा तो उन्होंने पुलिस से जल्द जल्द से  आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग रखी हैं।

वही ऑफिस मामले पर कोई कारवाई की जानकारी देते हुए बरखा त्रेहान ने कहा कि, पुलिस ने कार्यवाही करते हुए आरोपी के माता पिता और उनकी बेटी जिसे इस पूरे मामले का मुख्य आरोपी कहा जा रहा है उसे अपनी हिरासत में ले लिया है।

जन की बात के साथ खास बातचीत में बरखा त्रेहान ने कहा की यह आवश्यक है कि महिलाओं के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए लेकिन महिलाओ को भी इन अधिकारों का सदुपयोग करते हुए कानून के साथ न्याय का काम करना चाहिए।

उन्होंने कहां की आज आधुनिक युग में और बड़े शहरों के साथ साथ गांवों में पुरुषों के ऊपर हो रहे मानसिक और सामाजिक शोषण के साथ साथ उनके साथ हो रहे अन्याय पर भी बात करनी चाहिए।

महिलाओं के साथ साथ पुरुषों के अधिकारों का भी हमे ख्याल रखना होगा। और बढ़ते पारिवारिक पुरुषों पर हमलों को जल्द ही कानून की सहायता से रोकना होगा।

बरखा त्रेहान  का मानना है कि आज की आधुनिक युग में जब अधिकतम कानून महिलाओं के हित में है तो महिलाएं उन कानूनों को दुरुपयोग कर कर पुरुषों को प्रताड़ित करती हैं और कानून को इसका संज्ञान लेना चाहिए।

आजाद और लोकतंत्र भारत में महिलाओं और पुरषों के अधिकारों और उनके साथ होने वाले अन्याय पर दोनो को समान रूप से न्याय मिलना चाहिए।

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