Shinzo Abe Shot: जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर हमले के पीछे वजह क्या? चीनी नागरिकों ने क्यों मनाया जश्न?

विपिन श्रीवास्तव,

जापान के पूर्व प्रधानमंत्री शिंजो आबे पर आज एक रैली के दौरान हमला हुआ है, उन्हें वेस्ट जापान के नारा शहर में एक राजनीतिक रैली को संबोधित करते वक्त एक शख्स द्वारा शॉट गन से पीछे से गोली मार दी गई। गोली लगने के बाद आबे को दिल का दौरा पड़ा और उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जापान की मीडिया ने शुक्रवार को यह जानकारी दी, NHK ने घटना का एक वीडियो जारी किया है जिसमे आबे को सड़क पर गिरते हुए देखा जा सकता है और कई सुरक्षा कर्मी उनकी ओर भागते नजर आते हैं।

कौन है हमलावर?

हालांकि जापानी पुलिस ने हमलावार को पकड़ लिया है जिसकी पहचान 41 वर्षीय तेतसुया यामागामी के रूप में की गई है। पुलिस ने घटना स्थल से एक बंदूक भी जब्त की है जिसे घर का बना हथियार बताया जा रहा है। जापान के फूजी टीवी के अनुसार शिंजो आबे का शूटर जापान के मैरिटाइम सेल्फ डिफेंस फोर्स का पूर्व कर्मी है। वो 2005 तक सेवा में था, हालांकि अधिकारियों ने अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की है।

आबे पर हमला क्यों हुआ?

शिंजो आबे लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के उम्मीदवार के चुनाव अभियान के लिए एक भाषण दे रहे थे जब उन्हें करीब से पीठ पर गोली मार दी गई। जबकि मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खबरों के बाजार में कई अटकलें घूम रही हैं, अधिकारी फिलहाल ये निर्धारित करने में असमर्थ हैं की इस घटना का क्या कारण है।
NHK के अनुसार बंदूकधारी ने पुलिस के अधिकारियों को बताया कि वह पूर्व प्रधानमंत्री से असंतुष्ट था और उन्हें मारने का इरादा रखता था।

पर फिलहाल जो सबसे महत्वपूर्ण सवाल उठता है वो ये है की आखिर जापान के पूर्व प्रधानमंत्री आबे पर हमले के पीछे कौन है? क्या ये हमला राजनीतिक है या इसके पीछे कोई और अंतरराष्ट्रीय साजिश है?

चीन ने मनाया आबे पर हमले का जश्न

जैसे ही मीडिया में शिंजो आबे को गोली मारने की खबरें जारी होने लगीं चीन में इस बात का जश्न शुरू हो गया, विबो, वी चैट और युकू जैसे सभी चाइनीज सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर शूटर को हीरो बताने वाले संदेशों से भर गए। Wiebo पर चीनी इंटरनेट उपयोगकर्ता शूटर को हीरो के रूप में प्रदर्शित कर रहे थे और ये कामना कर रहे हैं की आबे अब कभी ठीक न हों।

 

शिंजो आबे की हत्या के प्रयास की खबर सुनने के बाद चीनी राष्ट्रवादियों ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म वी चैट पर भी इसी तरह का जश्न मनाया

 

सिर्फ चीनी राष्ट्रवादियों ने ही जश्न नहीं मनाया बल्कि शिंजो आबे पर हमले के प्रयास के बाद अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहे दुनिया भर के कई वामपंथियों ने भी कई ऐसे ट्वीट किए जिसमे आबे की निंदा की गई और उनपर हमले का जश्न मनाया गया

 

चीनी राष्ट्रवादी शिंजो आबे से क्यों करते हैं नफरत?

चीनियों का शिंजे आबे से नफरत की आग 90 साल पुरानी है, कुछ हाल ही के कारण भी हैं लेकिन चीनी प्रतिक्रिया को समझने के लिए हमे जापान के पूर्व प्रधानमंत्री नोबुसुके किशी के बारे में जानना होगा। यह सब 1931 में चीन में मंचूरिया पर जापानी आक्रमण के साथ शुरू हुआ, और बाद में नोबुसूके किशि के नाम से एक व्यक्ति नवगठित जापानी कठपुतली राज्य मानचुकुओं में औद्योगिक विकास का उप मुख्यमंत्री बन गया।

अपनी नई भूमिका में मंचकुओं की अर्थव्यवस्था पर पूरी पकड़ थी, और उन्हें राष्ट्रीय रक्षा राज्य का समर्थन करने के लिए इस क्षेत्र के औद्योगिकरण का काम सौंपा गया। किशी ने इसे हासिल करने के बाद इस क्षेत्र में विशाल औद्योगिक संयंत्र स्थापित कियाबौर इन्ही संयंत्रों में कथित तौर पर चीनी नागरिकों को गुलाम मजदूरों के रूप में नियोजित करके भारी मुनाफा कमाया। किशि पर चीनियों के खिलाफ नस्लवाद और दुर्व्यवहार के व्यापक अरूप थे। बाद में किशी जापान लौट गए और द्वितीय विश्व युद्ध में जापानी भागीदारी के प्रारंभिक वर्षों के दौरान जापानी युद्ध के प्रयासों को जारी रखने में अपनी भूमिका निभाई। किशी ने 1941 में संयुक्त राज्य अमेरिका और ग्रेट ब्रिटेन के खिलाफ युद्ध के लिए भी योगदान दिया।

अगस्त 1945 में जापानी आत्मसमर्पण के बाद किशी को क्लास A युद्ध अपराधी के रूप में बंद कर दिया गया और सुगामो जेल में रखा गया। हालांकि युद्ध के बाद जापान का नेतृत्व करने के लिए उन्हें अमेरिकियों द्वारा एक आदर्श व्यक्ति के रूप में पहचान दी गई।

किशी जल्द ही जापान में सक्रिय राजनीति में लौट आए, 1955 में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी को स्थापना में मदद की और 1957 में जापान के प्रधानमंत्री बने। अपने निजी जीवन में नोबुसुके किशी का एक बेटा नोबुकाजी किशी और एक बेटी योको किशी थी। योको किशी ने शिंटारो आबे के दूसरे बेटे शिंजो आबे हैं जिन्हे आज गोली मार दी गई, जिसके बाद चीनियों में जश्न का माहोल बना हुआ है।

Vipin Srivastava
Vipin Srivastava
journalist, writer @jankibaat1

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