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भारत अगले 3-4 साल में इलेक्‍ट्रानिक मैन्‍युफैक्‍चरिंग को 300 बिलियन डॉलर से भी ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है: पीएम मोदी

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को गांधीनगर में डिजिटल इंडिया वीक 2022 में http://IndiaStack.Global, मेरी योजना, ‘मेरी पहचान – राष्ट्रीय एकल साइन आन लांच किया। डिजिटल इंडिया वीक 2022 को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि आज का ये कार्यक्रम 21वीं सदी में निरंतर आधुनिक होते हुए भारत की एक झलक लेकर आया है। तकनीक का सही उपयोग पूरी मानवता के लिए कितना क्रांतिकारी है, इसका उदाहरण भारत ने डिजिटल इंडिया अभियान के तौर पर पूरे विश्व के सामने रखा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत चिप टेकर से चिप मेकर बनना चाहता है। अपने यहां सेमीकंडक्टर का उत्पादन बढ़ाने के लिए तेजी से निवेश बढ़ रहा है। ये बातें उन्होंने सोमावार (चार जुलाई, 2022) को गुजरात के गांधीनगर में डिजिटल इंडिया वीक 2022 के दौरान कहीं। उन्होंने इस कार्यक्रम में इंडियास्टैक ग्लोबल, माईस्कीम, मेरी पहचान-नेशनल सिंगल साइन ऑन, डिजिटल इंडिया भाषिणी और जेनेसिस सरीखे प्रोग्राम्स का उद्घाटन किया।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा- आज का यह कार्यक्रम 21वीं सदी में लगातार आधुनिक होते भारत की एक झलक लेकर आया है। तकनीक का सही इस्तेमाल पूरी मानवता के लिए कितना क्रांतिकारी है, इसका उदाहरण भारत ने डिजिटल इंडिया अभियान के तौर पर पूरे विश्व के सामने रखा है। मुझे खुशी है कि आठ साल पहले शुरू हुआ यह अभियान बदलते हुए समय के साथ खुद को विस्तार दे रहा है। हर साल डिजिटल इंडिया अभियान में नए आयाम जुड़े हैं और नई तकनीक का समावेश हुआ है। आज जो नए प्लेटफार्म और प्रोग्राम लॉन्च हुए हैं, वे इसी श्रृंखला को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्‍होंने कहा कि आज दुनिया का 40% डिजिटल लेन-देन हमारे हिन्दुस्तान में होता है। इसमें भी भीम, यूपीआई आज सरल डिजिटल ट्रांजेक्शन का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। डिजिटल इंडिया भविष्य में भी भारत की नई अर्थव्यवस्था का ठोस आधार बने, इसके लिए भी आज अनेक प्रकार के प्रयास किए जा रहे हैं। नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति भी टेक्नोलॉजी के लिए जरूरी माइंडसेट तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली है। अटल इन्क्यूबेशन सेंटर का एक बहुत बड़ा नेटवर्क देश में तैयार किया जा रहा है।

पीएम ने कहा कि आज भारत अगले 3-4 साल में इलेक्‍ट्रानिक मैन्‍युफैक्‍चरिंग को 300 बिलियन डॉलर से भी ऊपर ले जाने के लक्ष्य पर काम कर रहा है। भारत चिप टेकर से चिप मेकर बनना चाहता है। सेमी कंडक्‍टर का उत्पादन बढ़ाने के लिए भारत में तेजी से निवेश बढ़ रहा है।

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Rishav Singh Dhanraj
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Rishav Singh Dhanraj has 3+ years of experience in journalism. Visit his twitter account @rishav_dhanraj

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