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लोकसभा चुनाव के लिए तीसरे मोर्चे के पास मोदी को हराने का कोई फॉर्मूला नहीं है- प्रदीप भंडारी की दलील

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बुधवार को अपने शो जनता का मुकदमा पर शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव के लिए बीजेपी विरोधी मंच बनाने की पहल को लेकर आज का मुकदमा किया।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि, पिछले दो दिनों में बहुत बड़े पॉलीटिकल डेवलपमेंट हुए हैं, पहला भारतीय जनता पार्टी की नेशनल एग्जीक्यूटिव लीड हुई जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय जनता पार्टी को 300 का पारा आंकड़ा दिया, और लोकसभा चुनाव के बचे 400 दिन का पूरा गुरु मंत्र दिया। दूसरा, 2024 के सियासी संग्राम के लिए सत्ता और विपक्षी खेमे चुनावी युद्ध की तैयारियों में जुट गए हैं। इसी मोर्चेबंदी की तस्वीर तेलंगाना के खम्मम से आई। तेलंगाना के मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव ने खुद को बीजेपी को चैलेंज देने वाली एक राष्ट्रीय शक्ति के तौर पर पेश करने के लिए रैली का आयोजन किया। इस रैली में उन्होंने समान सोच रखने वाले दलों के चुनिंदा नेताओं को बुलाया। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के अलावा सीपीआई के डी राजा उनके बुलावे पर हैदराबाद पहुंचे।

देश में कभी भी थर्ड फ्रंट की पार्टी 5 साल सत्ता में नहीं, पिछले 40-50 सालों में। केसीआर समेत इन सभी नेताओं ने यदाद्री मंदिर में दर्शन किया‌। 1200 करोड़ रुपए खर्च कर केसीआर सरकार ने इसका कायापलट किया है।इसे बीजेपी को चुनौती देने के लिए हिंदू कार्ड के तौर पर भी देखा जा रहा है। यहां से ये नेता खम्मम पहुंचे। ये टीआरएस यानी तेलंगाना राष्ट्र समिति से पार्टी का नाम भारत राष्ट्र समिति यानी बीआरएस किए जाने के बाद पहली रैली थी।

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