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Sengol: सोशल मीडिया यूजर्स ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर साधा निशाना, बोले- कितने शर्म की बात है कि राजदंड को वॉकिंग स्टिक बता दिया गया

देश में 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन पीएम मोदी करेंगे। इस खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अहम ‘सेंगोल’ को भी लोकसभा स्पीकर की सीट के पास स्थापित करेंगे। इस सेंगोल को एक निष्पक्ष और न्यायपूर्ण शासन का प्रतीक माना जाता है। सेंगोल को राजा महाराजाओं के समय से सत्ता हस्तांतरण के वक्त इस्तेमाल किया जाता था। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि नए संसद भवन के उद्घाटन के दिन एक नई परंपरा भी शुरू होने जा रही है।

लेकिन आपको बता दे की सेंगोल आजादी के समय सत्ता हस्तांतरण का पवित्र प्रतीक के रूप में धारण किया गया था, लेकिन ये दिल्ली से इलाहाबाद पहुंच गया। इसे 1960 में इलाहाबाद संग्रहालय में भेज दिया गया और इस तरह सेंगोल को भूले बिसरे गीत की तरह कांग्रेस द्वारा भुला दिया गया।

और कितने शर्म की बात है, कैसे कांग्रेस ने इतने पवित्र प्रतीक का अपमान कर उसे “गोल्डन स्टिक” बोल दिया यानी की चलने वाली चढ़ी। वहीं, अब इसको लेकर सोशल मीडिया ने कांग्रेस और गांधी परिवार पर निशाना साधते हुए इसको अपमानजनक बताया है।

एक सोशल मीडिया यूजर दिव्या कुमार सोती ने ट्विटर पर लिखा है, कितने शर्म की बात है कैसे नेहरू और उनके वंशज द्वारा बनाए गए कॉमी इकोसिस्टम ने कैसे धार्मिक “सेंगोल” जो ब्रह्मांडीय संतुलन या रितम या धर्म को बनाए रखने के सबसे पवित्र प्रतीकों में से एक है, उसे कैसे प्राचीन काल से केवल “चलने की छड़ी” बना दिया है।

https://twitter.com/DivyaSoti/status/1661567369355853825?t=WwgH1XErDAveJHidwTHOgg&s=19

वहीं एक और सोशल मीडिया यूजर अंकुर सिंह ने लिखा है कि कैसे नेहरू को दिए गए हिन्दू धार्मिक सेंगोल को कांग्रेस ने सोने की छड़ी बना दिया। और कांग्रेस हिंदू भावनाओं की कितनी परवाह करती है।

https://twitter.com/iAnkurSingh/status/1661584043358683138?t=-j_dQOdNgVeHplt9HmqzNA&s=19

एक ट्विटर यूजर विजय ने लिखा है, किस तरह ‘सेंगोल’ एक पवित्र प्रतीक को कांच के अंदर रखा गया है जिसकी पहचान चलने वाली चढ़ी के रूप में की गई है। अब इसे नए संसद भवन में सही जगह और सही मान मिलेगा।

https://twitter.com/centerofright/status/1661584635506348032?t=5uMD5FCsTfukvtGSzjdnrA&s=19

एक दूसरे सोशल मीडिया यूजर ने लिखा है “पंडित जवाहरलाल नेहरू को भेट, सुनहरी छड़ी”। यानी कैसे इतिहासकारों ने हमारे वास्तविक इतिहास के साथ खिलवाड़ किया, इसका यह एक और उदाहरण है। पीएम मोदी इस इतिहास को दोबारा नहीं लिख रहे हैं बल्कि इसे सुधार रहे हैं।

https://twitter.com/BefittingFacts/status/1661578599856734208?t=tVr9WjNnSiCyp6xwOUyW4w&s=19

एक और अन्य यूजर ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए लिखा है कि, जब वे हमारे ‘सनातन’ को ‘शैतान’ की तरह ट्रीट करते हैं, तो इसमें आश्चर्य नहीं होना चाहिए कि उन्होंने ‘सेंगोल’ को ‘सोने की छड़ी’ के रूप में लेबल किया !!

https://twitter.com/moronhumor/status/1661579251152191492?t=oB9VDDJul4FW0zT_JC9vDQ&s=19

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