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क्या रश्मि सामंत को शांत करने के लिए कर्नाटक की कांग्रेस सरकार ने उनके घर भेजी पुलिस? रश्मि ने प्रदीप भंडारी को बताया

कर्नाटक के उडुपी से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। एक मेडिकल कॉलेज ने 3 लड़कियों को एक दूसरी लड़की का प्राइवेट वीडियो बनाने के आरोप में सस्पेंड कर दिया। घटना बुधवार 19 जुलाई को उडुपी के अंबलपाडी में बने नेत्र ज्योति कॉलेज में हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक इन तीनों लड़कियों ने बाथरूम के अंदर मोबाइल कैमरा फिट किया था। अलीमातुल शैफ़ा, शबानाज और आलिया पर आरोप है कि इन तीनों ने अपने साथ पढ़ने वाली एक लड़की का नहाते हुए वीडियो बनाया। साथ ही उसे कम्युनिटी वॉट्सऐप के जरिए अपने दोस्तों को भेजा।

यह मामला पहले सुर्खियों में तो नहीं आया लेकिन सोशल मीडिया पर रश्मि सामंत ने सबसे पहले इसे शेयर किया। उन्होंने लिखा, “मैं उडुपी से हूं और कोई भी अलीमतुल शैफा, शबानाज और आलिया के बारे में बात नहीं कर रहा है, जिन्होंने सैकड़ों हिंदू लड़कियों की रिकॉर्डिंग के लिए अपने कॉलेज के महिला शौचालयों में कैमरे लगाए थे। वीडियो और तस्वीरें जिन्हें अपराधियों द्वारा कम्युनिटी व्हाट्सएप ग्रुप्स में प्रसारित किया गया था।”

घटना के बाद रश्मि सामंत को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि उनके घर पर पुलिसकर्मी भेजे गए थे और उन्हें शांत करने की कोशिश की जा रही है। कर्नाटक में कांग्रेस सरकार है और लोगों का आरोप है कि कांग्रेस सरकार उन्हें इस मुद्दे को लेकर शांत करना चाह रही है। रश्मि ने प्रदीप भंडारी से भी बातचीत की।

प्रदीप भंडारी ने रश्मि सामंत से बात करने के बाद ट्वीट करते हुए लिखा, “मैंने अभी रश्मि सामंत से बात की, और उन्होंने मुझे बताया कि उडुपी में उनके घर पर पुलिसकर्मी भेजे गए थे क्योंकि उन्होंने हिंदू लड़कियों के लिए आवाज उठाई थी। मैं यह जानकर स्तब्ध हूं कि कांग्रेस सरकार उन्हें चुप कराने के लिए डराने-धमकाने वाले हथकंडे अपना रही है। मैं सभी से उसके साथ खड़े होने का आग्रह करता हूं!”

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