ब्रिक्स ऐतिहासिक रूप से सफल रहा, इसीलिए विपक्ष के पास खाने के अलावा कोई मुद्दा नहीं… बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस पर साधा निशाना

भारत की राजधानी नई दिल्ली में ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह आयोजन काफी सफल रहा और दुनियाभर में भारत की तारीफ हो रही है। हालांकि विपक्ष ने अब ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान खाने की वैरायटी को लेकर बहस छेड़ दी है। विपक्ष का कहना है कि शिखर सम्मेलन में नॉनवेज नहीं परोसा गया। इसी मुद्दे को लेकर बहस चल रही थी, जिसमें भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी भी मौजूद थे।

प्रदीप भंडारी ने कहा, “अगर इस देश का प्रमुख विपक्षी दल और इस देश के विपक्ष के साथी मेन्यू को क्रिटिसाइज कर रहे हैं और ब्रिक्स (BRICS) के आउटकम पर कुछ नहीं बोल रहे हैं, इससे यह प्रमाण है कि ब्रिक्स ऐतिहासिक रूप से सक्सेसफुल हुई है। यह इनका जो बिहेवियरल एट्रीब्यूट ‘नाराज फूफा’ वाला है, वह ऐसा दर्शा रहा है। क्योंकि अगर एक परिपक्व विपक्ष होता तो बोलता कि ये तीन आउटकम्स आपने अचीव किए या दो आउटकम्स आपने अचीव नहीं किए। चाइना भी खुश है और इसीलिए अपनी जो फोर्स है उसको नॉर्दर्न एरिया से पीछे कर दिया है।”

प्रदीप भंडारी ने आगे कहा, “तो अब मुझे बताइए, मैं कौन से राहुल गांधी पर विश्वास रखूं? 2026 वाले या 21 वाले? क्योंकि जब 21 में राहुल गांधी ने मीटिंग करी थी 6 अगस्त 2021 को, तो उसमें सिर्फ डोसा, इडली और छोला भटूरा—ऑल वेजिटेरियन मेन्यू दिया था सभी इंडिया अलायंस के लोगों को। तो तब क्या जितने बाकी कांग्रेसी नॉनवेज खाना खा रहे थे, उनके साथ राहुल गांधी ने अत्याचार किया? 21 अगस्त 2004 को कांग्रेस फूड कमेटी के चेयरमैन मंगत राम सिंगल कहते हैं कि हम तो सिर्फ और सिर्फ वेजिटेरियन अफेयर को ही लंच और डिनर के अंदर 6000 गेस्ट्स को देंगे। आइसलैंड के फॉर्मर प्रीमियर ने भी कहा कि मैंने ऑल वेजिटेरियन मेन्यू सर्व किया। तो जो खाने वाला है, उसको दिक्कत नहीं है। ब्रिक्स के हेड्स ऑफ़ स्टेट्स को दिक्कत नहीं है।”

प्रदीप भंडारी ने कहा कि किसी को भी जो खाना है, उसका हक है। पर वो जो मेन्यू है वहाँ पे ब्रिक्स के लीडर्स को दिक्कत नहीं हुई, प्रेस को दिक्कत नहीं हुई, डेलिगेट्स को दिक्कत नहीं हुई, तो क्या ब्रिक्स में लोग मेन्यू के लिए आते हैं क्या?

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