युवाओं की बात सुनते हैं पीएम मोदी… डिबेट में बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस-AAP पर साधा निशाना

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने युवाओं, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा। एक टीवी डिबेट के दौरान उन्होंने कहा कि देश के युवाओं के सामने दो अलग-अलग राजनीतिक विचारधाराओं का विकल्प है। उनके मुताबिक, एक तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विचारधारा है, जिसमें युवाओं को अवसर देने और उनकी समस्याओं का समाधान करने पर जोर दिया जाता है, जबकि दूसरी तरफ विपक्षी दल हैं, जिनके शासन वाले राज्यों में युवाओं को प्रदर्शन के दौरान लाठी मिलने का आरोप लगाया जाता है।

प्रदीप भंडारी ने अगस्त 2026 के बेरोजगारी के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि युवाओं की बेरोजगारी दर पंजाब और हिमाचल प्रदेश में सबसे अधिक है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों में विपक्षी दलों की सरकारें हैं—पंजाब में आम आदमी पार्टी और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस।उन्होंने कहा कि इंजीनियर देश की नींव तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं और युवा इंजीनियर देश की प्रतिभा का प्रतिनिधित्व करते हैं।

प्रदीप भंडारी ने स्काईरूट एयरोस्पेस का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवा उद्यमियों और तकनीकी प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करते हैं। उन्होंने दावा किया कि स्काईरूट के इंजीनियरों ने करीब 1,000 करोड़ रुपये का स्टार्टअप खड़ा किया और अंतरिक्ष क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।

प्रदीप भंडारी ने तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने आरोप लगाया कि जहां प्रधानमंत्री मोदी युवा इंजीनियरों और स्टार्टअप को प्रोत्साहित करते हैं, वहीं रेवंत रेड्डी ने इंजीनियरों को ‘क्रिमिनल’ कहा। प्रदीप भंडारी ने कहा कि युवाओं के सामने यह स्पष्ट अंतर है कि एक तरफ उन्हें अवसर और समस्याओं के समाधान की बात दिखाई देती है, जबकि दूसरी तरफ प्रदर्शन करने पर कार्रवाई का सामना करना पड़ता है। उन्होंने पेपर लीक और बेरोजगारी जैसी समस्याओं का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार का काम इन समस्याओं का समाधान करना है।

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी की राज्य सरकारों पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि युवाओं के प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जाती है। उन्होंने पंजाब के लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) में छात्र प्रदर्शन के दौरान कार्रवाई का भी जिक्र किया।

डिबेट में जब उनसे सवाल किया गया कि यदि युवा सरकार के साथ है तो फिर युवाओं के विरोध-प्रदर्शन के बाद सरकार को अपना फैसला वापस क्यों लेना पड़ा, इस पर प्रदीप भंडारी ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल कई युवा वास्तविक समस्याओं को लेकर सामने आए थे। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि कई युवा पेपर लीक के मुद्दे पर वास्तविक शिकायत लेकर आए थे। प्रदीप भंडारी के मुताबिक, सरकार ने उनकी मांगों को सुना और इस मामले में नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई। उन्होंने कहा कि युवाओं की वास्तविक समस्याओं को सुनना और उनका समाधान करना सरकार की जिम्मेदारी है।

प्रदीप भंडारी ने दावा किया कि झारखंड में इसी तरह के मुद्दे को लेकर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को न्याय नहीं मिला, जबकि यहां युवाओं की मांग सुनी गई। प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि युवाओं के वास्तविक मुद्दों के बीच कुछ राजनीतिक संगठनों ने अपने राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने की कोशिश की। उन्होंने आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कहा कि किसी राजनीतिक दल के प्रदर्शन में शामिल होने मात्र से उसे पूरे देश के युवाओं का प्रतिनिधि नहीं माना जा सकता। उन्होंने दावा किया कि राजस्थान और महाराष्ट्र समेत विभिन्न राज्यों में आम आदमी पार्टी के राजनीतिक अभियानों का युवाओं ने विरोध किया है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि युवाओं की वास्तविक समस्याओं और राजनीतिक प्रदर्शनों के बीच अंतर किया जाना चाहिए।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि युवाओं को रोजगार, अवसर और अपनी समस्याओं के समाधान की जरूरत है। उनके मुताबिक, सरकार का उद्देश्य युवाओं की वास्तविक समस्याओं को सुनना और उनके समाधान के लिए संस्थागत व्यवस्था तैयार करना होना चाहिए। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के पास युवाओं के लिए सकारात्मक एजेंडा नहीं है और वह देश के विकास में सकारात्मक योगदान नहीं कर रही है। प्रदीप भंडारी ने कहा कि युवाओं के लिए राजनीति का मूल्यांकन इस आधार पर होना चाहिए कि उन्हें कितने अवसर मिल रहे हैं और उनकी समस्याओं पर सरकार कितनी गंभीरता से कार्रवाई करती है।

Must Read

Latest