कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी पर राहुल गांधी की चुप्पी को लेकर बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने उठाए सवाल

बीजेपी के राष्ट्रीय मीडिया सहसंयोजक और प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की सराहना करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी की कथित चुप्पी पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिस समय पूरी दुनिया और देश कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम कर रहा है, उस समय राहुल गांधी की ओर से उनके समर्थन में एक शब्द भी नहीं कहा गया।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार ने कठिन परिस्थिति में हनुमान चालीसा का पाठ किया। उन्होंने बताया कि कैप्टन स्मित मच्छार ने अपनी बातचीत के दौरान अपने दो साल के बेटे के साथ रोज सुबह हनुमान चालीसा सुनने और स्वयं हनुमान भक्त होने की बात साझा की थी।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की पूरी दुनिया में चर्चा हो रही है और हर भारतीय उनके साहस को सलाम कर रहा है। उनके मुताबिक, ऐसे समय में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की ओर से कैप्टन के पक्ष में न तो कोई ट्वीट आया और न ही कोई वीडियो संदेश या सार्वजनिक बयान दिया गया। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राहुल गांधी की चुप्पी महज संयोग है या इसके पीछे कोई राजनीतिक मजबूरी है।

प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की राजनीति के कारण राहुल गांधी और सोनिया गांधी कैप्टन स्मित मच्छार के समर्थन में बोलने से बच रहे हैं। प्रदीप भंडारी ने कहा कि राहुल गांधी सार्वजनिक जीवन में हैं और इसलिए उनके सार्वजनिक बयानों को लेकर सवाल उठना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नेता अन्य मुद्दों पर लगातार सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं, लेकिन कैप्टन स्मित मच्छार के मामले में उनकी ओर से कोई बयान सामने नहीं आया।

प्रदीप भंडारी ने कांग्रेस के ‘गुड कॉप-बैड कॉप’ रवैये का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यदि राहुल गांधी स्वयं बयान नहीं देना चाहते तो कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के माध्यम से पार्टी की ओर से कैप्टन स्मित मच्छार के समर्थन में बयान जारी कराया जा सकता था।उन्होंने अपने तर्क के समर्थन में राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे की एक पुरानी संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस का उदाहरण दिया। प्रदीप भंडारी के मुताबिक, उस दौरान खड़गे ने कहा था कि उनका और राहुल गांधी का बोलना अलग-अलग है और राहुल गांधी अपनी बात अलग रख सकते हैं। इसी का हवाला देते हुए उन्होंने सवाल किया कि यदि राजनीतिक मुद्दों पर राहुल गांधी अपनी अलग राय रख सकते हैं, तो कैप्टन स्मित मच्छार के समर्थन में बोलने में उन्हें क्या परेशानी है।

प्रदीप भंडारी ने गाजा को लेकर राहुल गांधी की सक्रियता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि गाजा के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कई ट्वीट किए और लेख भी लिखा, जिसे उन्होंने उनका लोकतांत्रिक अधिकार बताया। हालांकि, उन्होंने सवाल किया कि जब एक भारतीय नागरिक देश का मान-सम्मान बढ़ाने वाला काम करता है, तब राहुल गांधी की ओर से वैसी ही सार्वजनिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं दिखाई देती।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी भावनात्मक बातचीत भी सामने आई है। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में देश को राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर बहादुरी और मानवता को सम्मान देना चाहिए।

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