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अमेरिका ने चीन पर क्यों की कठोर कार्यवाही?

नितेश दूबे,जन की बात

इस वक्त अमेरिका और चीन में जबरदस्त तनातनी का माहौल है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हर 2 दिन में एक बार चीन को कोरोनावयरस के लिए जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 29 मई को प्रेस कॉन्फस के दौरान डब्ल्यूएचओ को अमेरिका की ओर से दी जाने वाली फंडिंग को रोकने का ऐलान किया था। इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने डब्ल्यूएचओ पर आरोप लगाया कि यह स्वतंत्र संस्था नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि अमेरिका डब्ल्यूएचओ को हर साल करीब 450 मिलियन डॉलर देता है जबकि चाइना सिर्फ 40 मिलियन डॉलर देता है। फिर भी डब्ल्यूएचओ चीन की तरफ झुका हुआ है।

अमेरिका की कठोर कार्यवाही

आपको बता दें कि कोरोना वायरस के कारण अमेरिका चीन में तनातनी फैली है। इसके साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन के खिलाफ प्रतिबंध लगाने के भी संकेत दे दिए हैं। यही नहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी स्टॉक एक्सचेंज में ऐसी कंपनियों को सूचीबद्ध कर प्रतिबंध लगाने का निर्देश दे दिया है जो कि अमेरिकी कानूनों का पालन नहीं कर रही हैं। इसके साथ ही डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि वह जल्द ही नई ट्रैवल एडवाइजरी जारी करेंगे। जाहिर है ये चीन को रास नहीं आएगा।

इसके साथ ही अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि हांगकांग को पर्यटन और व्यापार का जो विशेष दर्जा अमेरिका ने दिया है वह भी वापस लिया जाएगा।

अभी कुछ दिन पहले ही अमेरिका ने हांगकांग पर अनौपचारिक रूप से चर्चा करने के लिए यूनाइटेड नेशन सिक्योरिटी काउंसिल में प्रस्ताव भी रखा था।

चीनी छात्रों पर रोक

आपको बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीनी छात्रों को देश में प्रवेश पर रोक भी लगाई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पीपल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) से जुड़े हुए छात्रों एवं शोधकर्ताओं को अमेरिका में प्रवेश करने पर रोक लगाई। उनका मानना है कि यह छात्र अमेरिका में प्रौद्योगिकी और बौद्धिक संपदा हासिल करने के लिए आते हैं। हालांकि चीन ने अमेरिका के इस कदम पर प्रतिक्रिया देते हुए नाराजगी जाहिर की।साथ ही चीन ने इसे नस्लवादी भी बताया। उन्होंने बताया कि बाद में यही शोधकर्ता और छात्र चीनी अधिकारियों द्वारा इस्तेमाल किए जाते हैं जो कि चिंता का सबक है।

सबसे बड़ी बात कि अमेरिका के इस कदम का स्वागत रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों ने भी किया है। दोनों पार्टियों ने इसे मामूली लेकिन सही कदम बताया है।

 

Pic courtesy- nbc news

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