Voice Of The People

आख़िर कैसे सूर्य नमस्कार कर मानसिक तनाव के साथ साथ अन्य रोगों को दूर किया जा सकता है?

दीपांशु सिंह, जन की बात

योग का महत्व अभी से नहीं बल्कि हजारों वर्ष पूर्व से ही रहा है । योग कर कर बड़ी से बड़ी बीमारियों को हराया गया r है । वहीं इस बीच दिल्ली के एम्स के दो विभागों द्वारा सायकियाट्रिक एंड एनाट्मी डिपार्टमेंट द्वारा 12 सप्ताह तक सूर्य नमस्कार पर रिसर्च करने पर जिसमे ये निकल कर आया कि अगर प्रतिदिन सूर्य नमस्कार किया जाए तो लगभग मानव के उसके जीवन में 60% लगभग डिप्रेशन घटता है ।

शोधकर्ता डॉक्टर रीमा दादा के शोध के अनुसार सूर्य नमस्कार से तनाव के साथ साथ एंजाइटी को भी दूर किया का सकता है ।

इस 12 सप्ताह से चल रहे रिसर्च में यह भी सामने निकल कर सामने आया है कि अगर कोई व्यक्ति अनुवांशिक डिप्रेशन से जूझ रहे है तो उन्हें दवाई के साथ योग करने से बहुत जल्दी राहत मिलने लगती है ।

वहीं चल रहे लॉकडाउन में कई लोग मानसिक तनाव से जूझ रहे है । उन लोगो के लिए बहुत ही ज्यादा आवश्यक है । इस योग को करने से मानसिक तनाव तो कम होता ही है।

 

साथ ही शरीर में स्फूर्ति और मन को शांति भी मिलती है । बीते दिनों में अगर देखा जाए तो लॉकडाउन में हुए सुसाइड एंजाइटी और बढ़ते डिप्रेशन के मामले अधिकतर आए है । वहीं अगर जिन लोगो ने इस योग को किया है उसमे से अधिकतर लोगों का मानसिक तनाव दूर हो जाता है ।

आख़िर कैसे योग के साथ दवा ने मिलकर हराया बीमारियों को 

सूर्य नमस्कार पर रिसर्च करने के दौरान 160 लोगो को चयनित कर उन पर शोध किया गया । जिसमे दो ग्रुप बनाए गए थे दोनो ही ग्रुप में 80-80 लोगो को रखा गया था ।
इसमें एक समूह को सिर्फ दवाईयां दी गई जबकि दूसरे समूह को दवाईयां के साथ योग भी कराया गया उसके पश्चात परिणाम जानने के लिए दोनो ही समूह का ब्लड सैंपल लिया गया । जिसमें यह पाया गया कि जो लोग दवाई और योग दोनो कर रहे उनमें पहले कि तुलना 60% ज्यादा फायदा देखने को मिला है ।

अगर पूरे विश्व में देखा जाए तो डब्ल्यूएचओ के मुताबिक 26 करोड़ से ज्यादा लोग डिप्रेशन से जूझ रहे है । वहीं पाया गया है कि 15-29 वर्ष के उम्र के लोगो की आत्महत्या की वजह डिप्रेशन ही निकल कर आई है।

डिप्रेशन एंजाइटी को हराना सबसे जरूरी

द लिसेंट जनरल की रिपोर्ट के अनुसार देश में 2017 में 19.73 करोड़ किसी न किसी रूप से मानसिक तनाव से जूझ रहे थे । ये आंकड़ा कुल आबादी का 15% है ।
यानी अगर रिपोर्ट के मुताबिक हर 7 में से 1भारतीय किसी न किसी बीमारी जूझ रहा है । अगर देखा जाए तो 4.57 करोड़ लोगो में लगभग 4.29 करोड़ लोग एंजाइटी का शिकार है ।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की जनता से संवाद किया है न कि लुटियंस लॉबी से

  जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने 30 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दिए गए राष्ट्र के नाम संबोधन का...

देश की जनता ने राहुल गांधी को जवाब दे दिया है।: जय पांडा

जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने जन की बात कन्वर्सेशन सीरीज में आज भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जय...

कोरोना वायरस चीन का बायोलॉजिकल हथियार है: पूर्व मेजर जनरल जीडी बख्शी

भारत और चीन तनाव के बीच जन की बात के फाउंडर प्रदीप भंडारी ने भारतीय सेना के रिटायर्ड मेजर जनरल जीडी बख्शी से विशेष...

जन की बात ऑनलाइन सर्वे- 66% लोगों ने माना चाइना को मिलिट्री के साथ आर्थिक रूप से भी सबक सिखाया जाए

  आपको बता दें कि 15 और 16 जून को भारत और चीन की सेना के बीच हिंसक झड़प हुई थी। जिसमें भारत के 20...

Latest

सरदार पटेल के पत्र लिखने के बावजूद पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने यूनाइटेड नेशन की सिक्योरिटी काउंसिल की सीट के लिए मना कर दिया...

जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने राज्यसभा सांसद और पूर्व पत्रकार एमजे अकबर का साक्षात्कार लिया। जिसमें उनके हाल ही...

राष्ट्रीय सुरक्षा पर देश को सुभाष चन्द्र बोस और सावरकर से सीखना चाहिए न की गांधी जी से: उदय माहुरकर

जन की बात के फाउंडर एंड सीईओ प्रदीप भंडारी ने राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे पर पत्रकार-स्कॉलर उदय माहुरकर से विशेष बातचीत की। इस दौरान...

चीन से फिर आ सकता है एक और वायरस, जानिए सब कुछ जी 4 वायरस के बारे में

अमन वर्मा (जन की बात) कोरोना वायरस के बारे में सभी जानते हैं, चमगादड़ इस  महामारी का कारण है. चमगादड़ों के संपर्क में आने के ...

जानिए कैसे बिहार के पिलीगंज की एक शादी बनी कोरोना का शिकार, दूल्हे की हुई मौत

अमन वर्मा (जन की बात) पटना के ग्रामीण इलाके में एक शादी समारोह संपन्न हुआ, जहां दूल्हे को तेज बुखार था और इसी बीच उसकी...