मुंबई पुलिस की जांच में रिया चक्रवर्ती और क्रिएटिव मैनेजर सिद्धार्थ पिठानी से लेकर अब तक करीब 56 लोगों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं लेकिन जैसे ही बिहार पुलिस ने अपनी जांच शुरू की कई लोग गायब होने लगे।
मुंबई पुलिस ने 56 लोगों से पूछताछ करने के बाद भी किसी एक पर भी अपने बयान में शक होने की शंका तक नहीं जताई, फिर FIR तो दूर की बात है।
मुंबई पुलिस के जांच के दौरान सभी आराम से घूम रहे थे और मीडिया में बयान दे रहे थे, लेकिन जैसे ही बिहार पुलिस ने जांच को थोड़ा तेज किया वैसे ही मुख्य रूप से जुड़े हुए लोग गायब होने लगे।
पुलिस के जांच के तरीकों पर भी सवाल उठ रहे हैं जो सिद्धार्थ पिठानी मीडिया के कुछ सवालों से ही हकलाने और ख़बराने लगा था, उससे मुंबई पुलिस ने क्या ही सवाल पूछे होंगे यह आप समझ ही सकते हैं।
सुशांत सिंह राजपूत के केस में दो मुख्य लोग- रिया चक्रवर्ती और सिद्धार्थ पिठानी दोनों ही गायब हो चुके हैं। जिसकी तलाश बिहार पुलिस के जांच टीम अबतक कर रही हैं।
क्या सुशांत के पिता को मुंबई पुलिस और वहाँ के लॉबी पर पहले से था शक ?
सुशांत सिंह राजपूत के पिता के.के सिंह ने इस तरह की आशंका को पहले ही भाँपते हुए मामले को मुंबई में ना दर्ज कर के पटना में ही दर्ज करना सही समझा।
25 फरवरी को अनौपचारिक शिकायत दर्ज करने के बावजूद भी मुंबई पुलिस ने अपनी जांच में कोई भी शक, किसी भी व्यक्ति पर नहीं जाताया हैं। वही साथ ही पहले दिन से ही सुशांत सिंह के केस को सुसाइड बनाने की कोशिश कर रही है।
इन्हीं सब को देखते हुए उनके पिता ने केस को बिहार में दर्ज कराना ज्यादा उचित समझा और जिसके नतीजे भी दिखने शुरू हो गए हैं ।
नतीजे जो बिहार पुलिस के जांच के बाद सामने आ रहे हैं
- रिया चक्रवर्ती ने कहा “केस वापस मुंबई पुलिस को ही देना चाहिए बिहार पुलिस पर शक हैं”।
- ED के जांच में पाया गया की रिया ने खुद पर और खुद के परिवार पर सुशांत के पैसों की खूब उड़ाया हैं।
- कुक से लेकर सुशांत के बॉडीगार्ड तक के दिए बयान में, कई शक की सुई रिया पर जा रही है।
- वही मुंबई पुलिस ने सुशांत के पोस्टमार्टम की रिपोर्ट बिहार पुलिस को दिखाने से मना कर दिया।
- साथ ही पटना के एस.पी को जाते ही नजरबंद कर दिया हैं।
- पहले रिया चक्रवर्ती फिर सिद्धार्थ पिठानी भी गायब हो गए।
- अब BMC उन चार बिहार पुलिस के जवानों को भी क्वारंटीन करना चाहती हैं जो पहले से जाँच में लगे हैं। SP को क्वारंटीन करने के बाद, BMC को कई दिनों बाद उन बिहार पुलिस के जाँच कर्मियों को भी क्वारंटीन करने का ख्याल आया हैं।
https://twitter.com/ANI/status/1290031309092294656?s=19
इन सब से तो यही लगता है कि महाराष्ट्र सरकार यही चाहती है कि ना रहेगा बांस ना बजेगी बांसुरी यानी कि ना बिहार पुलिस जाँच कर पाएगी और ना ही उनके इतने मेहनत से छिपाएं हुए सबूत सामने आ पाएंगे।
यह भी पढ़े:-क्या कमरे में पड़े सुशांत सिंह के शव की वीडियो बना कर वायरल करना, एक साजिश के तहत था ?