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क्या इस बार भी चुनाव में राम मंदिर बनेगा मुद्दा ? यूपी चुनाव से पहले बड़ा सर्वे

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विपिन श्रीवास्तव, जन की बात

उत्तर प्रदेश जो जनसंख्या के हिसाब से देश का सबसे बड़ा राज्य है, इसके अलावा कुल 403 विधानसभा सीटों के साथ देश का सबसे बड़ा राजनीतिक रणक्षेत्र भी है। शायद इसी लिए देश की सभी राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीतिक पार्टियों की नज़र उत्तर प्रदेश के चुनावों पर जमी रहती है, और लोग तो यह भी कहते हैं कि जिसने उत्तर प्रदेश जीत लिया उसका प्रभाव केंद्र सरकार में सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है ।

यूपी में फिर से चुनावी माहौल ने दस्तक दे दी है और सभी राजनीतिक पार्टियां अपनी अपनी गणित बैठाने में जुट गई हैं।

इसी बीच प्रदीप भंडारी ने आज इंडिया न्यूज पर जनता का मुकदमा में देश की जनता के सामने एशियानेट न्यूज़ और जन की बात का सबसे बड़ा सर्वे देश की जनता के सामने रखा ।

सर्वे में जन की बात की टीम ने पूरे यूपी में घूम घूम कर सैम्पल एकत्रित किये, सर्वे में 7 महत्वपूर्ण सवाल थे जो यूपी की जनता से पूछे गए ।

 

उन्ही सवालों में से एक सवाल यह भी था की ‘क्या आगामी यूपी चुनाव में राम मंदिर एक बार फिर अहम मुद्दा बनेगा ?’

 

जिसके जवाब में यूपी की 33% जनता ने कहा कि यह मुद्दा चुनाव में ‘बहुत ज्यादा’ प्रभावी होगा,

 

22% लोगों ने कहा कि की ‘ज्यादा’ प्रभावी होगा,

32% लोगों ने कहा कि ‘कम प्रभावी’ होगा,

और मात्र 13% लोगों ने राम मंदिर को ‘बहुत कम प्रभावी’ कहा ।

 

फिलहाल अगर हम इस सर्वे में ‘बहुत ज्यादा’ और ‘ज्यादा’ वाले लोगों का प्रतिशत जोड़ें तो कुल 55% लोगों का मानना है कि आगामी यूपी चुनाव में राम मंदिर का मुद्दा प्रभावी होगा ।

और इसके कारण भी हैं, क्योंकि केंद्र और राज्य दोनो में बीजेपी की सरकार रहते ही राम मन्दिर का फैसला आया और मंदिर बनने की शुरुआत हुई । बीजेपी इस मुद्दे को हिन्दू वोटरों के सामने अपनी जीत की तरह दिखा कर जरूर वोट मांगेगी, साथ ही राम मंदिर केंद्र की बीजेपी सरकार के घोषणापत्र में भी था जिसको बीजेपी ‘वादा निभाया’ की तरह प्रयोग कर सकती है ।

उधर अगर विपक्ष की बात करें तो विपक्ष के लिए राम मंदिर का मुद्दा दूसरी तरह से गणित बैठाएगा, हालिया खबरों के मुताबिक विपक्ष इस बार राम मंदिर भूमि घोटाले का मामला उठा कर सरकार को घेरने की पूरी कोशिश करेगा और साथ ही मुस्लिम वोटरों को लुभाने के लिए अयोध्या में मस्ज़िद बनाने के भी वादे विपक्ष द्वारा किये जा सकते हैं ।

 

यूपी का अगला चुनाव 2022 में होना है लेकिन उसका माहौल अभी से ही बनना चालू हो चुका है, आरोप-प्रत्यारोप का दौर चालू है। देखना ये होगा कि इस बार उत्तर प्रदेश में क्या योगी जी अपनी कुर्सी बचा पाते हैं या फिर अखिलेश 5 साल बाद वापस से सत्ता में आते हैं ।

फिलहाल सर्वे के मुताबिक 48% जनता की पहली पसंद अभी भी योगी आदित्यनाथ ही हैं ।

पूरा सर्वे देखने के लिए आप इंडिया न्यूज के यूट्यूब चैनल पर जाकर जनता का मुकदमा का आज का एपिसोड देख सकते हैं ।

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