कांग्रेस ने धीमी विकास को हिंदू ग्रोथ रेट नाम दिया था, आज देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद- पीएम नरेंद्र मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के केंद्र में 12 साल पूरे होने और भारत के सबसे लंबे वक्त तक लगातार चुने हुए सरकार के प्रमुख के तौर पर उनकी उपलब्धि का जश्न मनाने के लिए आज नई दिल्ली में नेशनल डेमोक्रेटिक अलायंस (NDA) की एक बड़ी बैठक हुई। भारत मंडपम में होने वाली इस मीटिंग में देश भर से बीजेपी के बड़े नेता, एनडीए के सहयोगी दलों के नेता, मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और गठबंधन के सीनियर पदाधिकारी शामिल हुए हैं।

बैठक के आखिर में पीएम मोदी ने संबोधन दिया। उन्होंने कहा, “इस राजनीतिक यात्रा में अनेक उतार-चढ़ाव देखते हुए एक दिन ये पड़वा भी आएगा, मैंने कभी सोचा नहीं था। निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में निरंतर सबसे लंबी अवधि तक सेवा करने का मौका, जिसे मैं अपना परम सौभाग्य मानता हूं। आपने इस अवसर पर मुझे सम्मानित किया, इतना मान दिया, इसके लिए आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं।इतने लंबे वक्त तक मां भारती की सेवा का सौभाग्य मिलना, ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव हो सकता है। मेरे लिए तो जनता-जनारदन ही ईश्वर का रूप है। मैंने सेवा कार्य को हमेशा एक साधना के रूप में ही देखा है। ये सामूहिक यज्ञ है, जिसमें आप सबने कर्तव्य भाव से अपना योगदान दिया है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, “NDA के 12 वर्षों की एक बड़ी सफलता ये भी है कि देश कांग्रेस के कुचक्र से आजाद हुआ है। कांग्रेस ने देश को लाचारगी, बेचारगी और हीन भावना के गर्त में गिरा दिया था। देश को यही एहसास कराया जाता था कि भारत में विकास धीरे-धीरे ही होता है, भारत में तेज विकास संभव ही नहीं है और बड़ी ही चतुराई से धीमी विकास को एक नाम दिया था, ‘हिंदू ग्रोथ रेट’ यानी कार्यशैली कांग्रेस की, दायित्व कांग्रेस का, विफलता कांग्रेस की लेकिन कलंक देश की बड़ी हिंदू आबादी के नाम लगाया गया जबकि असल में इस कुसंस्कृति का नाम होना चाहिए था कांग्रेस ग्रोथ रेट। इस कांग्रेस ग्रोथ रेट में न सुशासन था, न नीति, न नीयत और ना निर्णय। पहली बार अटल जी के नेतृत्व में NDA सरकार आई तब जाकर हमें एक झलक दिखी कि विकास में गति कैसे आती है लेकिन दुर्भाग्य से 2004 में देश फिर से अस्थिरता के बवंडर में और कांग्रेस के शिकंजे में फंस गया। विकास तो दूर की बात है, देश को कांग्रेस ने एक के बाद एक हजारों करोड़ों रुपये के घोटालों में घसीट दिया। देश का भाग्य फिर तब बदला जब 2014 में NDA की सरकार बनी। देश ने देखा कि जब नीयत, नीति और निर्णय तीनों एक साथ काम करते हैं तो विकास की गति कैसी होती है।”

पीएम मोदी ने आगे कहा, “देश के लोगों ने राष्ट्रीय स्तर पर राजनीतिक स्थिरता का महत्व समझा। यह लोगों की परिपक्वता का प्रमाण है, जो असल में सर्वोच्च सत्ताधारी हैं कि उन्होंने मुझे इतने लंबे समय तक उनकी सेवा करने का अवसर दिया है। 2014 से पहले के दशकों में काफी अस्थिरता और उथल-पुथल रही, जिससे देश को बहुत नुकसान उठाना पड़ा। अब लोग एक स्थिर सरकार का कामकाज देख रहे हैं और उसकी निर्णायक क्षमता की सराहना कर रहे हैं। आज, मैं इस देश के महान लोगों के सामने नतमस्तक होता हूं और उनके प्रति अपना आभार व्यक्त करता हूं। जब 2014 में NDA की जीत हुई थी, तो मैंने कहा था कि देश के आम नागरिक के लिए एक नई उम्मीद जगी है। इस उम्मीद को बनाए रखना और उसे आगे बढ़ाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं उन सभी साथियों का भी आभार व्यक्त करता हूं, जो इस सफर का हिस्सा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस मौके पर, NDA परिवार के सदस्यों ने एक प्रस्ताव भी पेश किया है, यह आपके स्नेह और उदारता को दर्शाता है, क्योंकि मैं इस सफर को अपनी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं मानता। पीएम मोदी ने कहा कि हर तरह से, यह हमारी सामूहिक उपलब्धि है, NDA की हर सहयोगी पार्टी की साझा कामयाबी है, इसलिए, मैं यह प्रस्ताव आप सभी को, हमारे NDA परिवार के हर कार्यकर्ता को, जिसमें BJP के कार्यकर्ता भी शामिल हैं, समर्पित करता हूं।

पीएम मोदी ने कहा, “भारत के लोगों की सहज समझ हमेशा से अद्भुत रही है। इतने लंबे वक्त तक मां भारती की सेवा करना, उनकी सेवा करने का सौभाग्य मिलना, केवल ईश्वर की विशेष कृपा से ही संभव है और मेरे लिए, जनता ही ईश्वर का रूप है और इसीलिए मैंने हमेशा इस सेवा को एक आध्यात्मिक साधना के रूप में देखा है। यह आध्यात्मिक साधना कभी भी अकेले नहीं की गई, यह एक सामूहिक ‘यज्ञ’ है, जिसमें आप सभी और कई अन्य सहयोगियों ने कर्तव्य-भाव से अपना योगदान दिया है।”

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