केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को आगामी अमरनाथ यात्रा के लिए सुरक्षा व्यवस्था की तैयारियों की समीक्षा करने के लिए एक हाईलेवल मीटिंग की अध्यक्षता की। अमरनाथ यात्रा 2026 की सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज सभी एजेंसियों को निर्देश दिया कि वे आपसी तालमेल से इस सालाना यात्रा के लिए एक मजबूत और अभेद्य सुरक्षा घेरा सुनिश्चित करें।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आगे निर्देश दिया कि अमरनाथ यात्रा से जुड़े स्थानीय लोगों और जानवरों का रजिस्ट्रेशन किया जाए, क्यूआर कोड वाले पहचान पत्र जारी किए जाएं और जानवरों की स्वास्थ्य जांच के लिए कैंप लगाए जाएं। अमित शाह ने यह भी निर्देश दिया कि तीर्थयात्रियों के समूहों की आवाजाही मौसम की स्थिति और पूर्वानुमान के आधार पर तय की जाएगी। उन्होंने यात्रा मार्ग के अलावा अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा ताकि तीर्थयात्री सुरक्षित रूप से पर्यटन गतिविधियों का आनंद ले सकें।
बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के महानिदेशक जी.पी. सिंह के अलावा सुरक्षा और प्रशासन के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
अमरनाथ यात्रा 3 जुलाई को शुरू होगी और 57 दिनों के बाद 28 अगस्त को समाप्त होगी। यह यात्रा श्रावण पूर्णिमा और रक्षाबंधन के त्योहारों के समय होगी। समुद्र तल से 3,880 मीटर की ऊंचाई पर स्थित हिमालयी गुफा मंदिर की इस यात्रा के लिए भारी सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत होती है। इसमें केंद्र और केंद्र शासित प्रदेश का प्रशासन मिलकर काम करते हैं।
