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क्या पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI है ‘DISMENTLING GLOBAL HINDUTVA’ के पीछे ?

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क्या पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI है ‘DISMENTLING GLOBAL HINDUTVA’ के पीछे ?

विपिन श्रीवास्तव, जन की बात

वैश्विक स्तर पर हिन्दू और हिंदुत्व को बदनाम करने की साज़िश और हिंदुत्व को एक तरह से नफरत फैलाने वाली सोच की तरह प्रोजेक्ट करने का एजेंडा बरसों से चलाया जा रहा है, और अभी हाल ही में आने वाले 10 सितंबर को वैश्विक स्तर पर एक ‘DIDMENTAL GLOBAL HINDUTVA’ कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही है, जिसमे भारत के ही कुछ हिन्दू विरोधी और लेफ्टिस्ट विचारधारा वाले एक्टिविस्ट लोगों को वक्तव्य देने के लिए बुलाया गया है । देखने मे यह एक बिल्कुल सामान्य सी कॉन्फ्रेंस लग रही है लेकिन इसके पीछे की साजिश बहुत बड़ी हो सकती है । इतनी बड़ी की ये भी हो सकता है कि इस कॉन्फ्रेंस का आयोजन और इसकी फंडिंग पाकिस्तान से हो सकती है ।

 

आज इंडिया न्यूज पर जनता का मुकदमा में प्रदीप भंडारी ने एक बार फिर से इस मुद्दे को उठाया और इसे एक नया मोड़ दिया साथ ही एक नए नजरिये और नई शंकाओं के साथ उन्होंने इस मुद्दे की कई परतों को उखाड़ा । शो की शुरुआत प्रदीप भंडारी ने स्वामी विवेकानंद के शिकागों में दिए वक्तव्य से की, उन्होंने कहा:

‘स्वामी विवेकानंद ने 1883 में शिकागों में एक सम्मेलन में कहा था, अमेरिका के भाईयों और बहनों, मैं आपको संसार में प्राचीन सभ्यता की तरफ से आपको धन्यवाद करता हूँ धर्मों की जननी की तरफ से मैं आपको धन्यवाद देता हूँ, और सभी वर्गों और संप्रदायों और हिंदुओं की तरफ से मैं आपको धन्यवाद देता हूँ’

 

प्रदीप भंडारी ने कहा: स्वामी विवेकानंद से बड़ा भारतीय सभ्यता का कोई और प्रतीक नही है । इसलिए भारत के दुश्मन यह बखूबी समझते हैं कि अगर हम लोगों को कमज़ोर करना है और देश को कमज़ोर करना है तो हमारे लोगों का विश्वास हमारी संस्कृति से कमज़ोर करना होगा । प्रदीप ने देश के इतिहास का हवाला देते हुए कहा, हमारे देश को जितना भी नुकसान हुआ है वो देश के अंदर के मीर जाफरों की वजह से हुआ है ।

उन्होंने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि आज हमारा दुश्मन पाकिस्तान है जिसका जन्म ही मुस्लिम कट्टरपंथ पर हुआ है और भारत की बर्बादी के सिवा उसका कोई और लक्ष्य नही है । पाकिस्तान वो मुल्क है जो एक हत्यारे इलमदीन को मसीहा मानता है । ये वो मुल्क है जो जन्माष्टमी के दिन श्री कृष्ण के मंदिरों में तोड़ फोड़ होने देता है । पाकिस्तान से अमन की आशा बिल्कुल बकवास बात है, असलियत तो यह है कि पाकिस्तान कभी हमारा दोस्त हो ही नही सकता ।

इसीलिए पाकिस्तान के जनरल जिया उल हक कहते हैं कि ‘Bleed India with Thousand Cuts’, क्योंकि वो जानते हैं कि भारत को वो कभी सीधी जंग में नही हरा सकते हैं । इसलिए ही पाकिस्तान की एजेंसी ISI ने हमारी सभ्यता को कमज़ोर करने की कोशिश की है । पाकिस्तान हमेशा मीर जाफरों को ढूंढता रहता है जो हिंदुस्तान में बैठकर पाकिस्तान के एजेंडे को चलाते हैं ।। पाकिस्तान वैश्विक स्तर पर भी ऐसे लोगों को ढूंढता है जो इन मीर जाफरों को सहयोग दे सके ।

 

प्रदीप भंडारी ने ‘दि संडे गार्जियन’ की एक रिपोर्ट के हवाले से ‘DISMENTALING GLOBAL HINDUTVA’ कांफ्रेंस पर बड़े खुलासे किए, उन्होंने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान के राइट हैंड गुलाम नबी फई का उदाहरण देते हुए बताया कि किस तरह इस पूरी साजिश के तार पाकिस्तान और ISI से जुड़े हुए हैं । उन्होंने यह भी आशंका जताई को हो सकता है कि इस कार्यक्रम का आयोजन और इसको फंडिंग पाकिस्तान से हो सकती है ।

 

प्रदीप ने फाइ का पूरा काला चिट्ठा खोलते हुए बताया कि किस तरह से गुलाम नबी फाइ हमेशा से भारत विरोधी गतिविधियों में शामिल रहा, किस तरह से कश्मीर विवाद पर उसने वैश्विक साजिश की । ISI से फंडिंग लेने के मामले में 2011 में अमेरिका से गिरफ्तार भी हुआ, जिसके बाद 20 महीने की सजा काटने के बाद फिर से यह भारत विरोधी शाजिशों में लगातार एक्टिव रहा है । अभी हाल ही में फाइ ने अमेरिका में हिंदुस्तानी दुतावास के सामने प्रदर्शन किया जिसके ठीक सात दिनों के बाद ‘DISMENTALING GLOBAL HINDUTVA’ की घोषणा हुई ।

ये सभी बातें इस आशंका को मजबूती प्रदान कर रही हैं कि हो न हो इस कांफ्रेंस के आयोजन के पीछे पाकिस्तान का हाँथ हो सकता है ।

 

प्रदीप भंडारी ने फाइ और पाकिस्तान के ‘DISMENTALING GLOBAL HINDUTVA’ साथ संबंधों की और भी बहुत सी परतों को खोला जिसे आप नीचे दिए गए लिंक पर देख सकते हैं ।

साथ अगर आप इस मुद्दे पर अपनो राय रखना चाहते हैं तो आप जन की बात को ट्विटर पर @jankibaat1 पर फॉलो कर सकते हैं । प्रदीप भंडारी से जुड़ने के लिए उन्हें आप ट्विट्टर पर @Pradip103 फॉलो कर सकते हैं ।

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