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आखिर प्रदीप भण्डारी के सवाल पर पप्पू यादव ने क्यों जोड़े हाथ?

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केंद्र सरकार की ‘अग्निपथ’ योजना का विरोध उत्तर प्रदेश से तेलंगाना तक 13 राज्यों में फैल गया है. सबसे ज्यादा असर बिहार में देखा जा रहा है. सेना भर्ती की तैयारी करने वाले सड़कों पर उतरकर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. बस-ट्रेनें फूंकी जा रही हैं. सड़कों पर जाम लगाया जा रहा है. पुलिस-प्रशासन से जुड़े लोगों पर पथराव हो रहा है. शुक्रवार को अपने शो जनता का मुकदमा पर शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने JAP मुखिया पप्पू यादव से बिहार में हुई आगजनी पर एक्सक्लूसिव बातचीत की.

प्रदीप भंडारी ने सवाल किया की, ‘क्या उपद्रवी कभी देश की सेवा कर सकते हैं? क्या आगजनी करने वालों को कभी आर्मी में मौका मिल सकता है? क्या ट्रेनों में आग लगाने वाले खुद को सेना के भर्ती होने लायक कह सकते हैं?’ आप कैसे इन उपद्रवियों को सपोर्ट कर सकते हैं?

JAP मुखिया पप्पू यादव ने कहा कि, ‘मैं हिंसा के खिलाफ हूं, लेकिन जिस देश के प्रधानमंत्री इस व्यवस्था को लेकर आते हैं इससे पहले किसान आंदोलन, कोरोना में 48 लाख लोगों की मृत्यु हो जाना, लॉकडाउन में बिहार और देश के लोग सड़कों पर मरे, जो हो रहा है इस पर कानून अपना काम करेगा’. प्रदीप भंडारी ने कहा अगर आप हिंसा के खिलाफ है तो बिहार में उपद्रवी जो कर रहे हैं उसे सपोर्ट क्यों कर रहे हैं. आपको याद है करोना में रेल भर्ती के टाइम भी सड़कों पर लोग प्रदर्शन कर रहे थे उन पर भी FIR हुई और उनका करियर बर्बाद हो गया. मैं आपसे कहना चाहता हूं जो आज हिंसा करेगा वह सेना में कैसे जा सकता है?

प्रदीप भंडारी ने सवाल पूछा कि अगर कानून अपना काम करेगा तो ट्रेन और बस जलाने वालों को गिरफ्तार कर लेना चाहिए. जो युवा आज कह रहा है हमें सेना में भर्ती नहीं किया तो हम आतंकवादी बन जाएंगे, क्या यह लोग सेना में जाने लायक हैं?

JAP मुखिया पप्पू यादव ने जवाब देते हुए कहा की, ‘आजाद हिंदुस्तान से पहले जब से हमारे साथ सेना हैं तब से उनमें  हिंदुस्तान की सुरक्षा के लिए उनका जज्बा, देश के लिए जान देने का जज्बा पूरी तरह से है क्योंकि उन्हें पता है उनके जाने के बाद मेरा परिवार आर्थिक रूप से सुरक्षित है, उनका परिवार हमारी सरकार की पॉलिसी के तहत सुरक्षित है. प्रदीप भंडारी ने कहा कि लेट जनरल बिपिन रावत ने कहा है कि आर्मी कोई नौकरी का जरिया नहीं है, अगर आर्मी में आना है तो देश की रक्षा के लिए आए.

आगे प्रदीप भंडारी के सवालों का जवाब देते हुए पप्पू यादव ने हाथ जोड़कर कहा कि मैं हिंसा को बढ़ावा नहीं दूंगा और मैं बिहार और देश के युवाओं से अपील करूंगा कि आप लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करें. और बीजेपी के नेताओं के सामने आवाज उठाएं और कहे अग्नीपथ स्कीम को वापस ले. ‘मैं मानता हूं कि हिंसा को लोकतांत्रिक विरोध नहीं कहा जा सकता है लेकिन इस सरकार की नीतियां किसान विरोधी, छात्र विरोधी, गरीब विरोधी हैं’.

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