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“हर घर तिरंगा” से कांग्रेस नेता को आपत्ति क्यों? पढ़िए प्रदीप भंडारी की दलील

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शुक्रवार को जनता के मुकदमा शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हर घर तिरंगा वाली अपील पर विपक्ष की तुष्टीकरण वाली राजनीति पर मुकदमा किया।

प्रदीप भंडारी ने कहा की, आज ही के दिन (22 जुलाई) को हमारे राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकार किया गया था। आज ही के दिन हमने हमारे तिरंगे को औपचारिक रूप से अपनाया था। आप से में पूछता हूं जब हमारे जवान सियाचिन की चोटी पर तिरंगा फैराते हैं तो आपको गर्व नही होता? जब असम में बाढ़ के बीच छोटे-छोटे बच्चों ने स्कूल में तिरंगा लहराया तो आपको गर्व नहीं होता?

हर हिंदुस्तानी की इच्छा होती हैं की वह तिरंगे का सम्मान करे, हां चुनिंदा टुकड़े-टुकड़े वालों की बात मैं नही कर रहा तो फिर कांग्रेस के नेताओं को हर घर तिरंगा से आपत्ति क्यों?

ये कह रहे हैं की हर घर तिरंगे से एक निजी कंपनी को फायदा होगा और खादी को नुकसान। विचित्र बात है जिनको कभी खादी याद नही आई वह अब खादी के लिए चिंतित है? तथ्य यह है की खादी इंडस्ट्री का टर्नओवर 2014 के बाद 1 लाख करोड़ से ज्यादा हुआ है, तथ्य यह है की खादी इंडस्ट्री की वृद्धि 177% है 2014-15 के मुकाबले , और पीएम मोदी ने अपने पहले मन की बात में खादी को बड़े रूप से अपनाने की बात की थी?

प्रदीप भंडारी ने आगे कहा की, ये वही लोग है जो दो बार भी नही सोचते थे अफजल वाले जेएनयू गैंग के साथ खड़े होने में, और ये वही लोग है जिनको आज़ादी के अमृत काल में भी तुष्टीकरण याद आता है। क्यों, राहुल जी, गुजरात कांग्रेस के मुखिया जगदीश ठाकुर ने क्या बोला? उनको गर्व है की उनके यूपीए के प्रधानमंत्री ने ये कहा की देश के साधनों मे पहला हक अल्पसंखयो का है?और ये नई बात नही।

कांग्रेस काल में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भी यही कहा था की देश के संसाधनों पर पहला हक अल्पसंखयो का है। यह था इनका देश प्रेम और सेकुलरिज्म समाजिक न्याय । इसीलिए आज देश हर घर तिरंगा के साथ है आप भी Harghartiranga.com पर जाकर 13-15 अगस्त के बीच तिरंगे को फैरा सकते है। आप निर्णय करे हर घर तिरंगा या  तुष्टीरण

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