Voice Of The People

CBI-ED की कारवाही अगर प्रतिशोध की राजनीति हैं तो ED को AK-47 कैसे मिली? – प्रदीप भंडारी की दलील

- Advertisement -

ED ने झारखंड में अवैध खनन में मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में 17 ठिकानों पर छापेमारी की थी। उसी छापेमारी के दौरान रांची में सीएम हेमंत सोरेन के करीबी बताए जाने वाले प्रेम प्रकाश के यहां भी रेड डाली गई थी। उस छापेमारी में एजेंसी को मौके से दो AK 47 राइफल मिली थीं। बुधवार को अपने शो जनता का मुकदमा पर शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने इसी मुद्दे पर मुकदमा किया।

प्रदीप भंडारी ने कहा है कि, आज पटना से लेकर रांची तक सेंट्रल एजेंसी की महा छापे मारी चल रही है। 12 घंटे से ज्यादा 25 ठिकानों पर यह छापेमारी भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही है। कई राजनेतिक पार्टी ये कह रही है की ये प्रतिशोध की राजनीति हो रही है।

मैं उनसे कहना चाहता हूं अगर यह प्रतिशोध की राजनीति है तो
AK-47 हेमंत सोरेन के करीबी प्रेम प्रकाश के घर से कैसे बरामद हुई? क्या AK-47 कोई आम आदमी अपने पास रखता है? क्या AK- 47 कोई करीबी राजनेता का व्यक्ति रखता है? क्या AK-47 के साथ 60 से ज्यादा कारतूस कोई आम आदमी अपने पास रखता है?

प्रदीप भंडारी ने आगे कहा कि, खनन घोटाले पर ईडी जो रेड कर रही है, ये केस आज का नहीं है ये केस पहले से रजिस्टर है। पूजा सिंघल जो IAS ऑफिसर थी उनके करीबी ने प्रेम प्रकाश का नाम लिया था। जब आज ईडी ने रेड की तो प्रेम प्रकाश के घर से AK-47 बरामद हुई। कानूनी रूप से कोई आम आदमी अपने पास AK-47 नहीं रख सकता और इसके अंदर देश द्रोह तक का मुकदमा दर्ज हो सकता है।

RJD के लोग कह रहे हैं की जबसे नीतीश और तेजस्वी साथ में आ गई है तबसे एजेंसी की रेड बढ़ गई हैं। तथ्य है कि ये मामला पहले से रजिस्टर है जो सरकार बनने से पहले हुआ था। इस केस में राबड़ी देवी और कई लोगो पर पहले से ही आरोप हैं। सरकार अगस्त में बनी और मामला मई में रजिस्टर हुआ तो फिर ये प्रतिशोध की राजनीति कैसे?

SHARE

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Must Read

Latest