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Uttar Pradesh: बाढ़ से लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त, सीएम योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को दिए ये दिशा-निर्देश

उत्तर प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण बाढ़ से 18 जिले ग्रस्त हैं। इन जिलों के 1370 गांव बाढ़ ग्रस्त है। गंगा, राप्ती और घाघरा नदी कई जिलों में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार शाम बाढ़ और अतिवृष्टि से प्रभावित जिलों में तत्काल राहत कार्य शुरू करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही उन्होंने बाढ़ प्रभावित जिलों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और फ्लड पीएसी की पर्याप्त टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाढ़ प्रभावित जिलों के जिलाधिकारियों को पूरी तत्परता से राहत कार्य संचालित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि वरिष्ठ अधिकारी खुद क्षेत्र का भ्रमण कर आपदा से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाएं। वहीं जनहानि तथा पशुहानि के प्रकरणों में पीडि़तों को अविलंब अनुमन्य सहायता राशि प्रदान की जाए। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जिला प्रशासन की टीम सभी लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाए। साथ ही उनके रहने और भोजन की समुचित व्यवस्था करे। भारी बरसात से हुए जलभराव की समस्या का तत्काल निस्तारण किया जाए।

बलरामपुर जिले के शहरी इलाकों में बाढ़ का पानी लोगों के घरों में घुस गया है और कई शहरी इलाकों में लोग एक जगह से दूसरी जगह जाने के लिए नाव का इस्तेमाल कर रहे हैं। जिला प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए राज्य मुख्यालय से राष्ट्रीय आपदा राहत बल (एनडीआरएफ) की अतिरिक्त टीम मांगी है। बलरामपुर, गोंडा और श्रावस्ती जिलों में कई हजार एकड़ धान की फसल नष्ट हो गई है। साथ ही खेत में जलभराव के कारण आलू की नई फसल पर भी असर पड़ा है।

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