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भगवान राम के अपमान के लिए नीतीश कुमार को अपने शिक्षा मंत्री चंद्रशेखर को बर्खास्त करना चाहिए- प्रदीप भंडारी की दलील

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बिहार के शिक्षा मंत्री और राष्ट्रीय जनता दल के नेता चंद्रशेखर यादव के हिंदू ग्रंथ रामचरितमानस पर आपत्तिजनक बयान दिया है। शिक्षा मंत्री ने एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि रामचरितमानस नफरत फैलाने वाला और समाज को बांटने वाला ग्रंथ है।वहीं चंद्रशेखर के इस बयान पर भाजपा ने यादव के बयान की निंदा करते हुए उनसे माफी की मांग की है।

गुरुवार को अपने शो जनता का मुकदमा पर शो के होस्ट प्रदीप भंडारी ने बिहार के शिक्षा मंत्री के इस आपत्तिजनक बयान पर आज का मुकदमा किया।

प्रदीप भंडारी ने कहा कि, क्या इस देश में हिंदुओं की सहिष्णुता को उनकी लाचारी समझा जा रहा है और तुष्टीकरण वाले नेता सोचते है की वह जो बोलना चाहे बोल सकते हैं, जनता को कोई फर्क नहीं पड़ता तुष्टीकरण गैंग रुकता ही नहीं है दोस्तो, ये लोग भगवान राम का अस्तित्व खारिज करते है, रामसेतु को नहीं मानते, हमारे शिवलिंग को फव्वारा कहते है और जब इनकी ही गैंग के एक नेता नीतीश कुमार के शिक्षा मंत्री ने करोड़ों हिंदुओं की आस्था से जुड़े ग्रंथ रामचरितमानस को नफरती बोल रहे हैं उनसे पूछा गया फिर भी वह अपनी इस बात पर अडिग है।

दोस्तों यह तुष्टीकरण वाले नेता सिर्फ एक पार्टी में नहीं काफी सेकुलर पार्टी में है जरा सोचिए यही अगर कोई और धर्म के लिए बोला गया होता तो उसका जीना भी मुश्किल हो जाता।

कुछ समय पहले नूपुर शर्मा ने जो बोला अभी तक उसे जान की धमकी मिल रही है आज उनको गन लाइसेंस रखने की भी आजादी मिली है क्योंकि उनको जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं।

और वहीं दूसरी तरफ नीतीश के मंत्री ने हिंदुओं के रामचरितमानस भगवान राम का अपमान किया और अभी तक सेक्युलर नेता नीतीश कुमार ने उन को बर्खास्त नहीं किया.. क्या हिंदुस्तान सहेगा भगवान राम का अपमान।

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