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दिल्ली की चांदनी चौक में है लोगों को कई दिक्कतें, पढ़िए क्या है वहां की ग्राउंड रिपोर्ट: क्या फिर से जीतेंगी अलका लांबा?

अरविंद केजरीवाल के 20 एमएलए के आॅफिस आॅफ प्राफिट के आरोप में हुए निलंबित विधायकों की विधानसभाओं का जायजा लेने जन की बात की टीम हर रोज जा रही है और मंगलवार को भी चांदनी चैक से विधायक अलका लांबा के विधानसभा क्षेत्र में जन की बात टीम जा पहुॅंची और जाना वहाॅं की जनता का हाल। वैसे तो चांदनी चैक की रोजमर्रा की परेशानियों के बारे में पूरी दिल्ली जानती है लेकिन फिर भी जब हमने वहाॅं के लोगो से बात की तो हमें पता चला कि पानी से लेकर जाम तक कैसे चांदनी चैक की हर रोज़ जूझता है।
चांदनी चैक दिल्ली सबसे पुराने इलाकों में से एक है और इसी के साथ वहाॅं पर आपको वही पुरानी दिक्कतें भी आसानी से नज़र आएंगी। जन की बात टीम ने जब चांदनी चैक ना निरीक्षण किया तो साफ-साफ देखा जा रहा था कि कैसे हर दूसरे मोड़ पर हर दूसरे मिनट जाम कैसे लगता है। बिजली के तारों के गुच्छे आसानी से देखने को मिल जाते है जो घरों के इतने पास से गुज़र रहें है कि कभी भी अगर उनमें बिजली उतर आए तो किसी भी घर को कैसे तबाह कर सकते है। छोटी-छोटी गलियाॅं, पुराने रहने वाले लोग आज भी पानी कि दिक्कतों का सामना कर रहें हैं। भरपूर पानी तो दूर की बात है यहाॅं तो लोगो को अपना घर जैसे तैसे आधे-पौने पानी में चलाना पड़ता है। वहीं, दूसरी ओर जब आप नज़र घुमाऐंगे तो सड़कों पर गंदगी आसानी से देख सकेंगे, दिल्ली सरकार द्वारा वृ़द्ध लोगो को हर महीने दी जाने वाली 2500 रूपये कि पेंशन को पाने के लिए भी बुजुर्ग पार्टी आॅफिस के चक्कर काटते हुए नज़र आए। लोगो का तो यहाॅं तक कहना है कि अलका लांबा फेसबुक और ट्वीटर के आलावा कहीं नज़र ही नही आती है। चुनाव प्रचार के समय पर लोगो से चिकनी चुपड़ी बातें करके उनसे उनका वोट लेने वाले विधायकों की असलियत दरअसल तब खुलकर सामने आती है जब चुनावों जीतें हुए उन्हें तीन साल से ज्यादा हो जाते है लेेकिन इलाके की गंभीर समस्याऐं जस की तस रहती है।
पार्किंग की समस्या तो चांदनी चैक में अब से नही ना जाने कब से है लेकिन अलका लांबा ने अपने तीन साल लंबे कार्यकाल में कोई ठोस कदम नही उठाए। चांदनी चैक के और उसके लोगो के हाल तो अब भी वैसे ही है जैसे कि वो तीन साल पहले हुआ करते थे। आॅफिस आॅफ प्राफिट के चलते हुए निलंबित हुई अलका लांबा ने चांदनी चैक की जनता को एक और मौका दिया है अपने मतदान के अधिकार के बारे में फिर से सोचने का। लेकिन देखना ये होगा कि क्या निलंबित अलका लांबा आॅफिस आॅफ प्राॅफिट के इन आरोपों से बचकर निकल जाऐंगी या फिर चांदनी चैक की जनता को एक और मौका मिलेगा अपना फैसला बदलने का।

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